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आज जेवर एयरपोर्ट की आधारशिला रखेंगे PM मोदी, UP चुनाव से पहले नोएडा को एयर कनेक्टिविटी की सौगात

एयरपोर्ट के पहले चरण को पूरा करने के लिए 2024 का लक्ष्य रखा गया है. पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हो रहा है. योगी सरकार ने एयरपोर्ट के लिए 5,845 हेक्टेयर की जमीन दे रखी है. पहले चरण का काम पूरा हो जाने के बाद एयरपोर्ट की सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी.

स्टोरी हाइलाइट्स
  • एयरपोर्ट के पहले चरण को पूरा करने के लिए 2024 का लक्ष्य
  •  पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm narendra modi) 25 नवंबर यानी आज दोपहर 1 बजे उत्तर प्रदेश (UP) के गौतम बुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) के जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (Noida International Airport) की आधारशिला रखेंगे. इसी के साथ उत्तर प्रदेश 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Airport) वाला पहला राज्य होगा. जेवर (Jewar) में बन रहा यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर में दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा. इतना ही नहीं इसके बनने के बाद इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव भी कम हो जाएगा. 

एयरपोर्ट के पहले चरण को पूरा करने के लिए 2024 का लक्ष्य रखा गया है.  पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हो रहा है. योगी सरकार ने एयरपोर्ट के लिए 5,845 हेक्टेयर की जमीन दे रखी है. पहले चरण का काम पूरा हो जाने के बाद एयरपोर्ट की सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी. 

एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा

योगी सरकार का दावा है कि यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा. एयरपोर्ट पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगा. इतना ही नहीं यह भारत का ऐसा पहला एयरपोर्ट होगा, जहां एकीकृत मल्टी मॉडल कार्गो केंद्र हो और जहां से सारा ध्यान लॉजिस्टिक सम्बंधी खर्चों और समय में कमी लाने पर हो. इस एयरपोर्ट पर बनने वाले कार्गो टर्मिनल की क्षमता 20 लाख मीट्रिक टन होगी. इसे बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन तक किया जाएगा. 

एयरपोर्ट में होंगी ये सुविधाएं

एयरपोर्ट पर ग्राउंड ट्रांस्पोर्टेशन सेंटर विकसित किया जायेगा, जिसमें मल्टी मॉडल ट्रांजिट केंद्र होगा. मेट्रो और हाई स्पीड रेलवे के स्टेशन होंगे, टैक्सी, बस सेवा और निजी वाहन पार्किंग सुविधा मौजूद होगी. इस तरह हवाई अड्डा सड़क, रेल और मेट्रो से सीधे जुड़ने में सक्षम हो जाएगा. इतना ही नहीं आसपास के सभी प्रमुख मार्ग और राजमार्ग, जैसे यमुना एक्सप्रेस-वे, वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे तथा अन्य भी हवाई अड्डे से जोड़े जाएंगे. एयरपोर्ट को प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल से भी जोड़ने की योजना है, जिससे दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच का सफर मात्र 21 मिनट का हो जाएगा. 

1 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

वहीं, केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आजतक से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा, यह एयरपोर्ट ड्रीम प्रोजेक्ट है. उन्होंने कहा, यह सिर्फ उत्तर प्रदेश के लिए नहीं, बल्कि यह पूरे भारत के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट है. सिंधिया ने कहा कि जेवर में बनने वाला एयरपोर्ट अपने साथ विकास की राह खोलेगा. सिंधिया ने कहा, इस प्रोजेक्ट में 2 बिलियन डॉलर का निवेश आ चुका है. हम जेवर और आसपास के क्षेत्रों में 60,000 करोड़ रु के निवेश का अनुमान लगा रहा हैं. उन्होंने कहा, जेवर एयरपोर्ट से विभिन्न माध्यमों से 1 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.  

सिंधिया ने कहा, आजादी के 70 साल बाद तक उत्तर प्रदेश में सिर्फ 2 एयरपोर्ट थे. लेकिन अब पीएम मोदी ने पिछले 7 साल में परिवर्तन किया है. अब उत्तर प्रदेश में 9 एयरपोर्ट हैं. जेवर में बन रहा एयरपोर्ट 10वां एयरपोर्ट होगा. अगले 5 साल में हम यूपी में 10 से 17 एयरपोर्ट पर पहुंच जाएंगे.  

 

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