उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का समय करीब आते ही अब नेताओं की जुबान भी तल्ख होती जा रही है. एक दिन पहले ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा स्थापित हुई है. अब इसे लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा है. उन्होंने पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान भी दिया है.
यूपी की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके ओमप्रकाश राजभर ने माता अन्नपूर्णा की मूर्ति स्थापित किए जाने को बीजेपी का ड्रामा बताया. उन्होंने कहा कि बीजेपी ड्रामा पार्टी है. साढ़े चार साल पहले कहां थे ये सब. पहले मूर्ति क्यों नहीं लाई गई. बीजेपी के लोग धर्म की ओर ले जाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि न रब ने दिया न रहमान ने दिया, जो कुछ दिया वह बाबा साहब आंबेडकर ने ही दिया. थाना, अस्पताल, ब्लॉक, तहसील बने वे बाबा साहब के संविधान की वजह से. कोरोना के दौरान सारे मंदिर, कचहरी बंद थे, सिर्फ थाने और अस्पताल ही खुले थे.
राजभर ने कहा कि पूरे इंडिया में सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बनारस के विश्वनाथजी जैसे 9 लाख मंदिर हैं. एक मंदिर बता दो जहां दर्शन करके कोई इंजीनियर, IAS या IPS बनता हो. कोई इन सब पोस्ट पर तभी पहुंचेगा जब वो बाबा साहेब की बनाई व्यवस्था के तहत विद्यालय में शिक्षा हासिल करेगा. उन्होंने बीजेपी पर तंज करते हुए कहा कि जिस तरह से पूजा की शुरुआत में श्री गणेशाय नम: बोला जाता है, उसी तरह वे लोग पूजा शुरू करने के पहले सुहेलदेवाय नम: बोलते हैं.
सुभासपा के अध्यक्ष ने बीजेपी यूपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह पर भी हमला बोला. उन्होंने स्वतंत्र देव को गुलाम देव बताया और कहा कि 79 हजार शिक्षकों की भर्ती में 27 फीसदी आरक्षण लुट गया. वे (स्वतंत्र देव सिंह) पिछड़ी जाति से आते हैं लेकिन उनकी आवाज नहीं निकलती. वे बयान देते हैं कि जाओ गांव में सौ दलित भाइयों के यहां चाय पीयो. तल्ख लहजे में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि तुम्हारे आका दलित का पैर धोकर भी चरणामृत बनाकर खुद पीने के साथ औरों को भी पिलाए थे और अब जा रहे हो चाय पीने. जिस तरह का खेल चल रहा है दलित का पैर धोकर चरणामृत बनाकर पी रहे हैं. वे इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर पीएम मोदी भी इसी राजभर के चरण धोकर चरणामृत बनाकर पीएंगे.
'शाहनवाज, मुख्तार अब्बास का नाम बदल दे बीजेपी'
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि बीजेपी घबराई हुई पार्टी है. 17 नवंबर को अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर जिले में 13 कार्यक्रम करने वाले हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी उनकी हत्या कराने की कोशिश में है. वह बोले, 'बीजेपी मऊ की रैली से डरी हुई है. तिंदवारी थाने पर हमारी गाड़ी चेक की गई और उसी दौरान गुजरी अन्य गाड़ियां चेक नहीं की गईं. आशंका है कि मेरी गाड़ी में अफीम, चरस, गांजा या असलहा रखकर चालान किया जा सकता है. मेरे मित्रों से कहा जा रहा है कि उनको समझाओ नहीं तो हत्या हो जाएगी? जल्दी ही उस नेता का नाम भी बताएंगे.'
मणिशंकर अय्यर का किया समर्थन
ओमप्रकाश राजभर ने मणिशंकर अय्यर का समर्थन किया और कहा कि मुगलों का लंबे समय से शासन रहा है. यूपी चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को भाव नहीं दे रही है. जनता बदलाव चाहती है और इसके लिए अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर की ओर ही देख रही है.
अमित शाह पर भी किया तंज
गृह मंत्री अमित शाह पर तंज करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि वे लखनऊ में दूरबीन से देख रहे थे कि कोई अपराधी तो नहीं है तो वहीं वाराणसी में उनके बगल में ही 302 का मुजरिम अजय मिश्रा टेनी मौजूद थे. उस समय नहीं दिख रहा था, आइए आपको दूरबीन देता हूं. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि ओमप्रकाश राजभर को अखिलेश यादव ने ना जाने क्या पिला दिया. इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि वे आज भी हमारे साथी, दोस्त और भारत के नागरिक हैं. सौ सीट मत मांगों. सिर्फ 10 पर लड़ो और दसो जीत जाओ.
गठबंधन के सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अभी प्रयास कर रहे हैं. जो लोग बीजेपी को सत्ता से हटाना चाहते हैं वे हमारे साथ आएं. जो सत्ता में बनाए रखना चाहते हैं वे बाहर से चुनाव लड़ें. पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर लड़ाकू विमान उतारे जाने पर उन्होंने कहा कि ये सिर्फ गरीबों को डराने के लिए किया जा रहा है. अखिलेश यादव की ओर से पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बनाने के दावे का भी ओमप्रकाश राजभर ने समर्थन किया.