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अलीगढ़ को अलॉट वैक्सीन नोएडा में कैसे, क्या कोवैक्सीन की जगह लगा दिया गया पानी?

नोएडा की एक हाईप्रोफाइल सोसायटी में अलीगढ़ जिले को आवंटित वैक्सीन की खेप लगा दी गई. ये कैसा हुआ? अब इस मामले की जांच शुरू हो गई है. आशंका ये भी जताई जा रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि कोवैक्सीन की जगह पानी वाला टीका लगा दिया गया हो?

मामले की शिकायत पुलिस में कर दी गई है. (फाइल फोटो-PTI) मामले की शिकायत पुलिस में कर दी गई है. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नोएडा की जेपी ग्रींस सोसायटी का मामला
  • अलीगढ़ के बैच नंबर की वैक्सीन यहां लगी
  • पुलिस जांच करेगी, वैक्सीन ही लगी या कुछ और?

यूपी में वैक्सीन को लेकर एक बड़ा 'गड़बड़झाला' सामने आया है. यहां पर नोएडा की एक हाईप्रोफाइल सोसायटी में अलीगढ़ जिले को आवंटित वैक्सीन लगा दी गई. इस मामले जिला इम्यूनाइजेशन अफसर (DIO) की शिकायत पर बीटा थाने में केस दर्ज कराया गया है. इस मामले की जांच अब पुलिस करेगी. 

दरअसल, नोएडा की एक हाईप्रोफाइल सोसायटी जेपी ग्रींस में पिछले दिनों वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया गया था. इस दौरान लोगों को जो वैक्सीन लगाई गई थी, उसका बैच नंबर अलीगढ़ का था. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अलीगढ़ की वैक्सीन नोएडा में कैसे लगा दी गई? इस मामले में पूछताछ के लिए गौतमबुद्ध लगर की स्वास्थ्य टीम दो बार सोसायटी भी गई लेकिन वहां से उन्हें मायूसी ही हाथ लगी. इसके बाद थक-हारकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है.

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गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ डॉ. दीपक अहोरी ने बताया कि टीम जांच के लिए दो बार गई. आयोजकों ने सीएमओ से बात ही नहीं की. इस बात की भी पुष्टि हुई कि जो वायल लोगों को लगी उसका बैच नंबर अलीगढ़ का था. लेकिन वो बैच अलीगढ का ही है ये टेक्नीकली कहना सही नहीं होगा क्योंकि वो कई जिलों में गई होगी. नोएडा का नहीं है.

डॉ. अहोरी ने कहा कि आयोजकों ने गलत किया है. अगर उन्हें वैक्सीन लगवानी ही थी तो परमिशन ले लेते. पुलिस आयोजकों से पूछताछ करेगी और मामले की जांच करेगी. पुलिस पूछेगी की लोगों को जो कोवैक्सीन का डोज दिया गया है, वो वैक्सीन ही थी या पानी? क्योंकि सीएमओ की मानें तो अलीगढ़ के जिस सेंटर का प्रमाणपत्र मिल रहा है, उस सेंटर पर तो कोवैक्सीन का टीका ही नहीं लग रहा है. वहां तो कोविशील्ड की वैक्सीन लगाई जा रही है. ऐसे में अब संदेह ये होता है कि आखिर जो टीके के नाम पर यहां के लोगों को लगाया गया वो है क्या?

खाकी पैंट में आयोजक शुभ गौतम. अपनी टीम के साथ इसी ने ये अवैध कोवैक्सीन कैंप आयोजित किया था.

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इस मामले में आजतक-इंडिया टुडे को 31 वीडियो और स्क्रीनशॉट हाथ लगे हैं. जिसमें वैक्सीन लगने के बाद सभी आयोजकों की तारीफ करते नहीं थक रहे. वीडियो से साफ है कि अधिकतर कोवैक्सीन लेने वालो में महिलाएं और युवा हैं. वैक्सीन लेने के बाद अति उत्साह में एक युवा कहता है कि इतनी आसानी से तो मोदी ने भी वैक्सीन नहीं ली होगी. इस वैक्सीनेशन कैम्प का आयोजक शुभ गौतम है. 

दूसरी तरफ अलीगढ़ के डॉक्टरों की टीम जांच कर ही रही है. बैच नंबर सभी सर्टिफेकंट पर लिखे हैं लेकिन वो आई कहां से ये आयोजक ही बताएंगे. वो वौक्सीन ही थी या कुछ और? लगने के बाद वायल कहां फेकी? सारे सवालों के जवाब अब शुभ गौतम ही देगा.

 

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