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राम मंदिर के नाम पर हो रही थी चंदे की अवैध वसूली, राष्ट्रीय बजरंग दल पर FIR

अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने के लिए सहयोग राशि संग्रह को लेकर पूरे देश में हिंदू संगठनों द्वारा जागरूकता पैदा की जा रही है, लेकिन चौंकाने वाली बात जनपद मुरादाबाद में सामने आई है, यहां राम मंदिर निर्माण के नाम पर कथित हिंदू संगठनों द्वारा ठगी की जा रही है.

राम मंदिर निर्माण के लिए चंदे के नाम पर ठगी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदे के नाम पर ठगी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राम मंदिर निर्माण के नाम पर ठगी का मामला
  • मुरादाबाद की समिति के पदाधिकारी ने दर्ज कराई शिकायत
  • कथित संगठन पर लगाया लोगों से चंदा इकट्ठा करने का आरोप

अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने के लिए सहयोग राशि संग्रह को लेकर पूरे देश में हिंदू संगठनों द्वारा जागरूकता पैदा की जा रही है, लेकिन चौंकाने वाली बात जनपद मुरादाबाद में सामने आई है, यहां राम मंदिर निर्माण के नाम पर कथित हिंदू संगठनों द्वारा ठगी की जा रही है.

ये शिकायत राम मंदिर निर्माण से जुड़ी मुरादाबाद की समिति के पदाधिकारी ने कथित हिंदू संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ की है. मुरादाबाद के सिविल लाइन्स थाना में एफआईआर दर्ज हो गई है. जब राम मंदिर निधि समर्पण समिति के मंत्री प्रभात गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमें उन लोगों के खिलाफ शिकायत करनी पड़ी है जो राम मंदिर के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे. 


प्रभात गोयल ने कहा,आज हमने एक एफआईआर उन लोगों के खिलाफ लिखवाई है जो श्री राम मंदिर के नाम पर अवैध चंदा और उगाही महानगर में कर रहे थे. ये अभियान  सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर सरकार द्वारा बनाए गए ट्रस्ट के द्वारा चल रहा है. अयोध्या का जो ट्रस्ट है उसके मंत्री चंपक राय हैं.  विश्व हिंदू परिषद और संघ के सारे संगठन मिल कर इस योजना का क्रियान्वयन कर रहे हैं.

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शनिवार को हमारे कुछ कार्यकर्ता जब कृष्णा नगर कजरीसराय में गए थे तो कुछ लोगों ने बताया कि हमने दो दिन पहले चंदा दे दिया और उन्होंने अपनी इक्कीस रुपए और पच्चीस रुपए की रसीदें भी दिखाईं. तब हमने पूछा कि आपने चंदा किसको दिया तो उन्होंने चार पांच लोगों के नाम बताए. हमने कंफर्म करने के लिए फोन कर पूछा कि आप लोग चंदा जमा कर रहे हैं. तो उन्होंने बताया कि हां हम चंदा जमा कर रहे हैं. मंदिर के लिए कर रहे हैं, जबकि मंदिर के लिए चंदा जमा करने का अधिकार किसी भी व्यक्ति को नहीं है.

उन लोगों ने राष्ट्रीय बजरंग दल के नाम से संगठन बनाया है जबकि विश्व हिंदू परिषद की जो अपनी युवा इकाई है उसका नाम बजरंग दल है और बजरंग दल मात्र विश्व हिंदू परिषद के बैनर के नीचे काम करता है. उसका अपना अलग कोई स्वरूप नहीं है. वो हमारी युवा इकाई है उस युवा इकाई को बदनाम करने के लिए उससे मिलता जुलता नाम बनाकर फर्जी रसीद छपवाई गई है. उन रसीदों पर श्री राम मंदिर का जो फोटो है वो भी उन्होंने शायद हमारी पत्रिका से खींच कर छपवाया है.

जब हमें पता चला कि हमारे संगठन को बदनाम करने के लिए और पब्लिक को ठगने के लिए इस तरह का धंधा चल रहा है तो हमने चार-पांच लोग जिनका नाम सामने आया था, उनके खिलाफ शिकायत की. पुलिस ने उन पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है. उनका उद्देश्य मुरादाबाद की जनता को गुमराह करना, राष्ट्रीय सेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को बदनाम करना था. जबकि हमारे संगठन में इक्कीस और पच्चीस रुपए का कोई विकल्प नहीं है.

 जो हमको लोग पैसा दे रहे हैं उनके लिए हमारे पास 10, 100, और 1000 रुपये के कूपन हैं, जिसपर भगवान श्री राम का चित्र है और हमारे यहां कोई एक व्यक्ति चंदा लेने नहीं जाता. जिस क्षेत्र में चंदा होता है, उस क्षेत्र की निश्चित टीम है. निश्चित पदाधिकारी हैं. एक महानगर की संरचना हमने बनाई है. उस संरचना को राष्ट्रीय सेवक संघ ने अंजाम दिया है. 

(इनपुट- शरत गौतम)

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