
कोरोना के इस दौर में उत्तर प्रदेश के नेटबॉल का नेशनल प्लेअर और उसका परिवार भुखमरी की कगार पर आ चुका है. इस राष्ट्रीय खिलाड़ी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर मदद की गुहार लगाई है.
दरअसल, विवेक कुमार मिश्रा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के रहने वाले हैं. वो नेटबॉल के एक राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और अंशकालीन मानदेय प्रशिक्षक (कोच) के रूप में स्टेडियम मिर्जापुर में नौकरी कर रहे थे. लेकिन मुसीबत ये कि कोरोना की दूसरी लहर शुरू होते ही सरकार ने अंशकालीन मानदेय प्रशिक्षक पद का नवीनीकरण नहीं किया जिसके चलते ये परिवार अब दाने-दाने को मोहताज है.
इसे भी पढ़ें --- महाराष्ट्र-गुजरात-राजस्थान में हजारों की तादाद में Mucormycosis के मरीज, 50% लोगों की जा रही जान
इस नौजवान प्लेयर की नौकरी से उसके पूरे परिवार का खर्च चल रहा था. विवेक मिश्रा के परिवार में उनके बीमार दादा-दादी विकलांग हैं और उनकी देखरेख तथा दवा की जिम्मेदारी विवेक के ही सिर पर है. विवेक की मां और पिता खेती किसानी करते हैं.

उनका एक छोटा बच्चा है और विकलांग बहन की जिम्मेदारी भी है. बहन बीएड की छात्रा है और उसकी पढ़ाई के लिए विवेक ने लोगों से कर्ज तक ले रखा है. विकलांग होने के बावजूद विवेक की बहन की छात्रवृत्ति पिछली साल भी नहीं आई और ना ही इस साल मिली है.

विवेक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी में लिखा है कि मैं प्रदेश के लिए खेलता हूं और यह दिन देखना पड़ेगा कभी सोचा नहीं था. सर मैं आप से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि आप मेरी और परिवार की मदद करें. मैं सरकार से यही हाथ जोड़ निवेदन करुंगा कि मेरी आर्थिक मदद की जाए जिन लोगों का कर्ज मेरे ऊपर है उससे मैं बाहर आ जाऊं और अपनी बहन की पढ़ाई के लिए जो कर्ज लिया था उसे खत्म कर सकूं. इस साल बहन की फीस जमा नहीं कर पाया उसे जमा करा सकूं. सरकार हमारी मदद पर विचार करे और हमे तथा मेरे पूरे परिवार को इस मुसीबत से निकाले जिससे मैं अभी प्रदेश के लिए खेल सकूं. मैं आजीवन सरकार का आभारी रहूंगा.