उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अयोध्या में अधिकारियों और नेताओं द्वारा ताबड़तोड़ जमीन खरीद मामले को गंभीर बताया है. उन्होंने कहा है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. साथ ही मामले पर सुप्रीम कोर्ट को भी संज्ञान लेना चाहिए. मायावती ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कही. उन्होंने ये भी कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले की जांच होनी चाहिए. मायावती ने कहा कि समय आने पर अपनी रैली के बारे में सूचना दूंगी. मायावती ने फोन टैपिंग मामले पर कहा कि केंद्र में जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब यही काम करती थी. अब चर्चा है कि बीजेपी भी ऐसा कर रही है.
दरअसल, मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर के आस-पास कई जमीनों को खरीदा गया है. ये जमीनें अधिकारी से पुलिस अफसर, नेता से लेकर उनके परिवारवालों तक ने खरीदी है. अब इस मामले में योगी सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं. पांच दिन के अंदर जांच की रिपोर्ट मांगी गई है. राज्य सरकार ने इस संवेदनशील मामले की जांच विशेष सचिव राधेश्याम मिश्रा द्वारा करवाने का फैसला लिया है. उन्हें कहा गया है कि पांच दिन के अंदर विस्तृत जांच करनी है और रिपोर्ट सौंपनी है. अब चुनावी मौसम में राज्य सरकार की इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है. विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि राम मंदिर के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है. कई करीबियों का फायदा हो रहा है. मायावती ने कहा कि ये गंभीर मामला है और सुप्रीम कोर्ट इस मामले की जांच करें.
मायावती ने आज बुलाई मंडल कॉर्डिनेटर और जिला प्रभारियों की बैठक
मायावती ने उत्तरप्रदेश चुनाव में अपनी तैयारियों को लेकर मायावती ने बसपा (BSP) के 18 मंडल कॉर्डिनेटर और 75 जिला प्रभारियों की अहम बैठक भी बुलाई है. पार्टी की ओर से बताया गया है कि बैठक में विधासभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा होगी. साथ ही सम्मेलन और कैडर बैठक पर रिपोर्ट भी ली जाएगी.
बताया गया कि बैठक में चुनाव के दौरान खास बातों का ध्यान रखने के निर्देश दिए जाएंगे. साथ ही अन्य पार्टियों की ओर से बसपा को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और दुष्प्रचार पर भी बात होगी. पार्टी की ओर से तय किया गया है कि 2022 के विधानसभा चुनाव को हिंदू-मुस्लिम बनाने से रोकने के लिए निर्देश दिए जाएंगे.
पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बीएसपी की जनहितैशी रैली के बारे में बताया जाएगा. इस रैली के जरिए पूर्व की मायावती सरकार की उपलब्धियों को बताया जाएगा. लोगों से अपील की जाएगी कि किसी के बहकावे में न आएं, बीएसपी के शासन को जनता याद करे. कहा गया कि बीजेपी का 300 पार का दावा बेबुनियाद है. बीजेपी की हार की डर से केंद्र और राज्य के मंत्री प्रचार में लगे हैं. पार्टी जीत से दूर है इसलिए सभी नेता जनता को लुभाने के लिए यूपी की यात्रा कर रहे हैं.