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मायावती का BSP में बदलाव, नेताओं से कहा- काम नहीं हो रहा तो दूसरी जगह देख लें

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने को-ऑर्डिनेटर मंडल और जोन व्यवस्था भंग कर दी है. इसकी जगह अब सेक्टर व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके तहत पूरे यूपी को चार सेक्टर में बांटा गया है.

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बसपा अध्यक्ष मायावती (फोटो-ANI)
बसपा अध्यक्ष मायावती (फोटो-ANI)

  • यूपी बीएसपी में किए मायावती ने बदलाव
  • मंडल को-ऑर्डिनेटर की व्यवस्था खत्म की
  • अब यूपी को चार सेक्टरों में बांटा गया

उत्तर प्रदेश में 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने को-ऑर्डिनेटर मंडल और जोन व्यवस्था भंग कर दी है. इसकी जगह अब सेक्टर व्यवस्था लागू की जाएगी.

बसपा अब पूरे यूपी को चार सेक्टर में विभाजित करके काम करेगी और बूथ कमेटियों को मजबूत करने का काम किया जाएगा. मायावती ने बीएसपी कार्यकर्ताओं को 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए तैयारी करने का निर्देश दिया है. साथ ही साथ उपचुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर पार्टी के नेताओं से रिपोर्ट भी तलब की है.

11 में नहीं मिली एक भी सीट

हाल में ही हुए उपचुनाव में मायावती की बहुजन समाज पार्टी को 11 सीटों में से एक भी सीट नहीं हासिल हुई जिसके बाद मायावती पार्टी पदाधिकारियों से नाराज चल रही थीं. बताया यह भी जा रहा है इस बदलाव में बहुजन समाज पार्टी के नए चेहरों को भी जगह दी जा सकती है और बसपा सुप्रीमो की तरफ से पार्टी संगठन के स्वरूप में आमूलचूल परिवर्तन भी किया जा सकता है.

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ये हैं चारों सेक्टर

यूपी में बसपा ने चार सेक्टर बनाए हैं. दो सेक्टरों में 5-5 मंडल शामिल किए गए हैं. जबकि बाकी दो सेक्टरों में 4-4 मंडल रखे गए हैं. पहले सेक्टर में लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ को रखा गया है. जबकि दूसरे सेक्टर में आगरा, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट और झांसी हैं. तीसरे सेक्टर में इलाहबाद, मिर्जापुर, फैजाबाद और देवीपाटन हैं. जबकि चौथे सेक्टर में वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर और बस्ती होंगे.

हर सेक्टर के लिए तय होगी जिम्मेदारी

इन सभी चार सेक्टरों की जिम्मेदारी अलग-अलग नेताओं को दी जाएगी. उसी के मुताबिक हर नेता से कामकाज का हिसाब लिया जाएगा. मायावती ने यह भी साफ कर दिया है कि जो ठीक से काम नहीं कर सकते हैं वो अपनी जगह कहीं और देख लें.

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