मथुरा पुलिस ने खूफिया विभाग की मदद से एक को गिरफ्तार किया है. यह शख्स मथुरा जेल में बंद एक शातिर और उसके साथियों को छुड़ाने के लिए पुलिस और न्यायिक अधिकारियों पर दबाव डाल रहा था.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृप्ता चौधरी के पास एक शख्स पहुंचा और उसने खुद को केंद्र सरकार के गृह विभाग की विदेशी गुप्तचर शाखा (रिसर्च एण्ड एनालिलिस विंग-रॉ) का अधिकारी बताते हुए हत्या के मामले में जेल में बंद एक अपराधी और उसके साथियों की पैरवी करने लगा कि उन लोगों को गलत फंसाया गया है.
पुलिस के अनुसार युवक ने खुद को रॉ का एडिश्नल सेक्रेटरी नवनीत राणा बताते हुए ब्रजेश मावी हत्याकाण्ड में कैद हाथरस के माफिया डॉन राजेश टोंटा, ओमप्रकाश और राजकुमार को निर्दोश बताया. उसका कहना था कि इस मामले में पुलिस ने सही ढंग से जांच नहीं की है. इस पर सीजेएम ने उसे एसएसपी से मिलकर अपनी बात रखने की राय दी. लेकिन उस शख्स ने एसएसपी से नहीं मिलकर सीधे सीओ सिटी अनिल कुमार यादव से मुलाकात की. पुलिस को शक हुआ तो उसने युवक से सख्ती से पूछताछ की और खूफिया सूत्रों की मदद ली. पुलिस को जानकारी मिली की रॉ में नवनीत राणा नाम का कोई अधिकारी है ही नहीं.
इस ने अपना नाम नवनीत राणा बताते हुए कहा कि वह दिल्ली के विकसपुरी में रहता है. पुलिस ने इसे और इसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं इसका एक साथी फरार हो गया है जिसे पुलिस ढूंढ़ रही है.