मलीहाबाद का दशहरी आम इस साल लोगों को बहुत कम खाने को मिलेगा. पिछले कई साल के बाद इस साल उत्तर प्रदेश में आम की पैदावार कम हुई है. हर साल मई माह के अंतिम दिनों में दशहरी आम बाजार में दिखाई देने लगता था, लेकिन इस साल जून माह में बाजार में आएगा. दरअसल, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अनुसार दशहरी समेत अन्य आम का उत्पादन 15 से बीस लाख टन होने की सम्भावना है, जो हर साल होने वाले उत्पादन के आधा से भी कम है.
इस बारे में आम उत्पादन संघ के अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय उद्यान बोर्ड के निदेशक इसराम अली का कहना है कि इस साल आम का उत्पादन पिछले साल हुए उत्पादन का 40 प्रतिशत है.
उन्होंने कहा कि दशहरी आम के बाजार में 10 जून तक आने की संभावना है जिसकी कीमत 50 रुपये प्रति किलो से कम नहीं होगी. इसराम अली ने कहा कि खराब मौसम तथा आम के पेड़ों में कीड़े लगने से उत्पादन पर असर पड़ा है. पिछले मौसम में तेज ठंड तथा कम बरसात के कारण आम की फसल प्रभावित हुई.
यह सिर्फ दशहरी का ही मामला नहीं, बल्कि आम की अन्य किस्मों का भी यही हाल है. खराब मौसम के कारण इस साल आम के पेड़ों पर पर्याप्त मंजर नहीं लगे. पूरी तरह से पानी नहीं मिल पाने के कारण उत्पादक पेड़ों की ठीक से सिंचाई नहीं कर पाए. अली राज्य सरकार से कोई सहायता नहीं मिल पाने की भी शिकायत करते हैं और बिजली की अनियमित आपूर्ती पर अफसोस करते हैं.
उनका कहना है कि राज्य सरकार से आम उत्पादकों को किसी तरह की राज सहायता सब्सिडी नहीं मिलती है. आम निर्यातकों को 13 प्रतिशत राज्य सहायता दी जाती है, जो काफी कम है. अली कहते हैं कि इस साल पूरे देश में आम का उत्पादन कम हुआ है, चाहे महाराष्ट्र का अलफांसो हो या आंध्र प्रदेश में पैदा होने वाला आम.