भले सरकार ने किसानों को 6000 रुपये देने का ऐलान कर दिया हो, लेकिन किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब किसान अपने जमीन अधिग्रहण में उचित मुआवजे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आवास घेरने की धमकी दे रहे हैं. नाराज टप्पल के किसान शनिवार को भी डीएनडी पर पहुंच गए और उसे घेर लिया. हालांकि, किसान डीएनडी के किनारे प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, हम यहां प्रदर्शन करेंगे. किसानों को मनाने के लिए नोएडा के डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे, लेकिन वार्ता विफल रही.
Delhi: Farmers hold protest near DND flyway toll gate demanding fourfold compensation in lieu of their land acquisition pic.twitter.com/6sR56IqvvR
— ANI (@ANI) February 2, 2019
वहीं, मंडोला के किसान फिलहाल किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह प्रदर्शन 7 फरवरी तक चलेगा. इससे पहले उत्तर प्रदेश के मंडोला और टप्पल के किसानों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया. इस कारण दिल्ली और नोएडा थम गई थी और डीएनडी को कई घंटों के लिए बंद करना पड़ा था.
#UPDATE Noida: Traffic resumes at Delhi-Noida flyway (DND flyway) in Sector 19. There was a traffic congestion earlier due to farmers protest. pic.twitter.com/BodxquUmkF
— ANI UP (@ANINewsUP) February 1, 2019
मंडोला के किसानों को 25 महीने से चल रहा है आंदोलन
यूपी के मंडोला समेत छह गांव के किसान पिछले 25 महीने से आवास विकास परिषद की मंडोला विहार योजना का विरोध कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि उन्हें भूमि अधिग्रहण नीति 2013 से मुआवजा दिया जाए. यह आंदोलन कई दिनों से चल रहा था, लेकिन कोई भी किसानों की सुनवाई नहीं करने पहुंचा. इससे नाराज किसानों ने पीएम आवास का घेराव करने का ऐलान किया. बीते शुक्रवार को किसान खेकड़ा बागपत से इस्टर्न पेरिफेरल -वे से दिल्ली रवाना हुए. नानू गांव के पास प्रशासन ने उन्हें रोकने की नाकाम कोशिश की, लेकिन किसानों की जिद के आगे अधिकारियों की एक नहीं चली और वह दिल्ली आ गए.
50 महीने से मुआवजे की जंग लड़ रहे हैं टप्पल के किसान
इसी तरह टप्पल के किसान भी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे हैं. इन किसानों की जमीन, बसपा सरकार ने यमुना एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान अधिग्रहित की थी. इसके बाद किसानों ने आंदोलन चलाया था. इस आंदोलन के दौरान तीन किसानों और एक पुलिसकर्मी की मौत भी हो गई थी. करीब 50 महीने से चल रहे इस आंदोलन की खबर लेने कोई नहीं पहुंचा तो किसान शुक्रवार को पीएम आवास घेरने पहुंच गए. जैसे ही किसान दिल्ली में प्रवेश कर रहे थे, उन्हें पुलिस ने रोक दिया. इसके बाद काफी हंगामा हुआ और किसान नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाली सड़क डीएनडी पर धरना देने लगे. इस कारण काफी जाम लग गया.
राहुल गांधी ने निकाली थी पदयात्रा
जुलाई, 2011 में टप्पल के किसानों के समर्थन में ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भट्टा परसौल से टप्पल तक पदयात्रा की थी. इस दौरान राहुल ने नए जमीन अधिग्रहण कानून को बनाने की मांग की थी. इसके बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने नया कानून भी बनाया, लेकिन अब तक इन किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है.