उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर से सटे उन्नाव लोकसभा सीट की अपनी ही राजनीतिक खासियत है. कानपुर शहर से लगे होने के नाते उन्नाव चमड़े के कारोबार के लिए दुनियाभर में मशहूर है. एक समय यह क्षेत्र कांग्रेस का मजबूत दुर्ग हुआ करता था, लेकिन 90 के दशक के शुरुआत में बीजेपी न सिर्फ इस क्षेत्र में बल्कि पूरे राज्य में अपनी जगह मजबूत करती चली गई. 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) साक्षी महाराज को उतारकर यहां से कमल खिलाने में कामयाब रही थी.
उन्नाव लोकसभा सीट पर इस बार 9 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. लेकिन मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान सांसद स्वामी साक्षी महाराज का समाजवादी पार्टी के अरुण शंकर शुक्ला और कांग्रेस की अन्नू टंडन के बीच है. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने सतीश कुमार शुक्ला को यहां से चुनावी मैदान में उतारा है. इस सीट पर महज एक उम्मीदवार बतौर निर्दलीय चुनाव में किस्मत आजमा रहा है. चौथे चरण के तहत आज सोमवार (29 अप्रैल) को मतदान कराया गया. फैसला 23 मई को आएगा.
लोकसभा चुनाव अपडेट्स
- लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत 9 राज्यों की 72 सीटों पर सोमवार (29 अप्रैल) को चुनाव कराया गया जिसमें 13 सीटें उत्तर प्रदेश से थीं. उन्नाव संसदीय सीट इन्हीं सीटों में से एक है जहां 59.39 फीसदी मतदान हुआ, जो 2014 की तुलना में ज्यादा है. 2014 में यहां पर 55.47 फीसदी मतदान हुआ था. ओवरऑल यूपी में 58.86 फीसदी वोटिंग हुई. जबकि देशभर में 64.05 फीसदी मतदान हुआ. इस दौर में भी सबसे ज्यादा मतदान पश्चिम बंगाल में हुआ जहां 76.72 फीसदी वोटिंग हुई.
- उन्नाव संसदीय सीट पर शाम 5 बजे तक 53.40 फीसदी मतदान हुआ. ओवरऑल उत्तर प्रदेश में 53.23 फीसदी वोटिंग हुई है. यह अंतिम आंकड़ा नहीं है और आंकड़ों में बदलाव हो सकता है.
- लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होने हैं और आज चुनाव का चौथा चरण पूरा हो गया है. सोमवार को उत्तर प्रदेश के 13 संसदीय सीटों पर मतदान कराए गए. इससे पहले शुरुआती 3 चरणों में 26 सीटों (8, 8 और 10) पर मतदान कराया जा चुका है. आज के चरण के साथ ही प्रदेश के 80 संसदीय सीटों में से 39 संसदीय सीटों पर वोटिंग हो चुकी है और अगले शेष 3 चरणों में 41 सीटों पर मतदान कराया जाना है.

- लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत देश के 9 राज्यों के 72 संसदीय सीटों पर शाम 5 बजे तक 50.60 फीसदी मतदान हो चुका है. उत्तर प्रदेश में शाम 5 बजे तक 45.08 फीसदी वोटिंग हुई जबकि सबसे ज्यादा वोटिंग हिंसा से प्रभावित पश्चिम बंगाल में हुई जहां 66.46 फीसदी मतदान हुआ. 9 राज्यों में 5 राज्य ऐसे हैं जहां पर 50 फीसदी से ज्यादा की वोटिंग हुई.

- उत्तर प्रदेश के उन्नाव संसदीय सीट पर 3 बजे तक 42.58 फीसदी मतदान हो चुका है. 3 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में चौथे चरण के तहत 13 संसदीय सीटों पर 43.91% वोट डाले जा चुके थे.
लोकसभा सामान्य निर्वाचन उ.प्र. 2019 : 3 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक चौथे चरण मतदान हेतु मतदान प्रतिशत 43.91% रहा।
— CEO UP #DeshKaMahaTyohar (@ceoup)
- उन्नाव संसदीय सीट पर 1 बजे तक 33 फीसदी मतदान हो चुका है. 1 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में चौथे चरण के तहत 13 संसदीय सीटों पर 34.40% मतदान डाले जा चुके हैं.
- सुबह 11 बजे तक उन्नाव में 21.83 फीसदी मतदान हो चुका है. 11 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में चौथे चरण के तहत 21.15% मतदान डाले गए.
लोकसभा सामान्य निर्वाचन उ.प्र. 2019 : 11 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक चौथे चरण मतदान हेतु मतदान प्रतिशत 21.15% रहा।- सुबह 9 बजे तक उन्नाव में 10.67 फीसदी मतदान हो चुका है.— CEO UP #DeshKaMahaTyohar (@ceoup)
- उत्तर प्रदेश में 13 संसदीय सीटों पर चुनाव के चौथे चरण के तहत कराए जा रहे मतदान में 9 बजे तक ओवरऑल 9.59 फीसदी मतदान हो चुका है.
- वोट देने के बाद आजतक से बातचीत में उन्नाव से कांग्रेस की प्रत्याशी अनू टंडन ने कहा कि शुरुआत में EVM में गड़बड़ी की खबर आ रही थी. बाद में हमने जिलाधिकारी और चुनाव आयोग के अधिकारियों से बात की तो कुछ ठीक हुआ है. अभी भी कुछ EVM खराब हैं. साक्षी महाराज को लेकर कहा कि वो ऐसे ही बोलते रहते है. उनकी भाषा पर कोई टिपण्णी नहीं करेंगी.
- बीजेपी उम्मीदवार निवर्तमान सांसद साक्षी महाराज ने वोट डाला.
: BJP MP candidate from Unnao, Sakshi Maharaj casts his vote at a polling station in Unnao.
— ANI UP (@ANINewsUP)
उन्नाव संसदीय सीट के संसदीय इतिहास की बात करें तो आजादी के बाद से अब तक 16 बार लोकसभा चुनाव और एक बार उपचुनाव हुए हैं. इनमें से 9 बार कांग्रेस चुनाव जीतने में सफल रही तो चार बार बीजेपी को जीत मिली. सपा, बसपा और जनता पार्टी एक-एक बार जीतने में कामयाब रहीं.
कांग्रेस के नाम लगातार 6 जीत
उन्नाव लोकसभा सीट पर पहली बार 1952 में चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस के विश्वंभर दयाल त्रिपाठी जीतने में सफल रहे थे. कांग्रेस 1971 तक लगातार 6 बार जीतने के बाद 1977 में जनता पार्टी के हाथों मात खा गई. जनता पार्टी के राघवेंद्र सिंह जीतकर संसद पहुंचे. हालांकि 1980 के चुनाव में कांग्रेस ने फिर वापसी की और 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए चुनाव में भी यह सीट अपने नाम करने में कामयाब रही.
हालांकि 1989 के लोकसभा चुनाव में जनता दल ने अनवर अहमद को उतारकर कांग्रेस से यह सीट छीन ली. 90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन जब अपने उफान पर था तो बीजेपी ने 1991 में पहली बार इस सीट पर खाता खोला और देवीबक्श सिंह सांसद बने. देवीबक्श ने इसके बाद 1996 और 1998 में भी चुनाव जीत कर जीत की हैट्रिक लगा दी.
1999 के लोकसभा चुनाव में सपा ने दीपक कुमार को उतारकर बीजेपी के विजय रथ को रोका तो 2004 में बसपा ने बृजेश पाठक को उतारा वो जीतने में कामयाब हो गए. इसके बाद कांग्रेस ने 2009 में अनु टंडन के जरिए एक बार फिर वापसी की, लेकिन 2014 में मोदी लहर में बीजेपी ने साक्षी महाराज को उतारकर जीत अपने नाम की.
2014 का जनादेश
उन्नाव लोकसभा सीट पर 2011 के जनगणना के मुताबिक कुल जनसंख्या 31,08,367 है जिसमें 82.9 फीसदी ग्रामीण और 17.1 फीसदी आबादी शहरी है. इस सीट पर अनुसूचित जाति की आबादी 30.52 फीसदी है.
उन्नाव लोकसभा सीट के तहत छह विधानसभा सीटें मोहान, उन्नाव, बांगरमऊ, सफीपुर, भगवंतनगर और पुरवा विधानसभा सीटें आती हैं. सफीपुर और मोहान सीट विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.
2014 के लोकसभा चुनाव में उन्नाव संसदीय सीट पर 55.52 फीसदी मतदान हुए थे. बीजेपी उम्मीदवार साक्षी महाराज ने सपा के अरुण शुक्ला को करीब 3 लाख मतों से मात देकर जीत हासिल की थी. साक्षी को 5,18,834 वोट और अरुण शुक्ला को 2,08,661 वोट मिले थे जबकि चौथे स्थान पर रहने वाले बसपा के बृजेश पाठक को 2,00,176 वोट मिले.
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