काशी महाकाल एक्सप्रेस में शिव मंदिर बनाए जाने पर आईआरसीटीसी (IRCTC) ने सफाई जारी की है. आईआरसीटीसी का कहना है कि मंदिर की स्थापना अस्थायी रूप से की गई है. ट्रेन में मंदिर सिर्फ उद्घाटन के दिन रहेगा. इसके बाद मंदिर को वहां से हटा लिया गया है. महाकाल एक्सप्रेस की बोगी नंबर बी-5 में सीट नंबर 64 भगवान महाकाल (शिव) का मंदिर बनाया गया है.
आईआरसीटीसी ने कहा कि ट्रेन का संचालन 20 फरवरी 2020 से किया जाएगा. इससे पहले ट्रेन के कर्मचारियों ने अस्थायी रूप से महाकाल की तस्वीरों को बर्थ पर रख दिया ताकि नई परियोजना (नई ट्रेन और नई रेक) की सफलता के लिए पूजा कर सकें. यह केवल उद्घाटन रन के लिए है. उद्घाटन रन के दौरान कोई भी यात्री ट्रेन में सवार नहीं होगा.
IRCTC: There is going to be no such reserved or dedicated berth for this purpose in the commercial run of the train which is starting from 20th February 2020.
— ANI UP (@ANINewsUP)
ओवैसी ने उठाया था मसला
इस मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुएसंविधान की प्रस्तावना को शेयर किया. संविधान की प्रस्तावना पर सभी धर्मों के साथ एक समान, सभी लोगों के साथ एक समान व्यवहार करने के बारे में लिखा गया है.
ये है ट्रेन का रूट
काशी महाकाल एक्सप्रेस हफ्ते में दो दिन मंगलवार और गुरुवार को वाराणसी से इंदौर के बीच चलेगी. यह लखनऊ, कानपुर, बीना, भोपाल, उज्जैन होते हुए इंदौर तक पहुंचेगी. इंदौर से बुधवार और शुक्रवार को उज्जैन, संत हिरदाराम नगर (भोपाल), बीना, कानपुर और लखनऊ होकर वाराणसी जाएगी. वाराणसी-इंदौर वाया इलाहाबाद-कानपुर-बीना ट्रेन रविवार को चलेगी. सोमवार को इंदौर पहुंचेगी. हर सोमवार इंदौर, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, बीना, कानपुर, इलाहाबाद होकर वाराणसी पहुंचेगी.