scorecardresearch
 

कन्नौज हादसा: बस पर फूल चढ़ाकर अखिलेश ने मृतकों को दी श्रद्धांजलि

अस्पताल में घायलों का हाल जानने पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि बस के अंदर 80 से ज्यादा लोगों के सवार होने की जानकारी मिली लेकिन सरकार यात्रियों की संख्या छुपा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार मोबाइल सिस्टम के जरिए सही संख्या जान सकती है क्योंकि यात्रियों के पास मोबाइल होगा.

बस पर फूल चढ़ाकर अखिलेश ने मृतकों को दी श्रद्धांजलि (टि्वटर) बस पर फूल चढ़ाकर अखिलेश ने मृतकों को दी श्रद्धांजलि (टि्वटर)

  • बस हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की
  • 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को कन्नौज के छिबरामऊ पहुंचे. उन्होंने छिबरामऊ के घिलोई में तीन दिन पहले हुए बस हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की. उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हादसे में मृतकों की संख्या छुपाई जा रही है क्योंकि बस में 80 लोगों के सवार होने की जानकारी है जबकि सरकार का आंकड़ा कुछ और कह रहा है. अखिलेश यादव ने शुक्रवार रात हुए बस हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए दुर्घटनाग्रस्त बस पर फूल चढ़ा कर श्रद्धांजलि भी दी.

घायलों का जाना हाल

अस्पताल में घायलों का हाल जानने पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि बस के अंदर 80 से ज्यादा लोगों के सवार होने की जानकारी मिली लेकिन सरकार यात्रियों की संख्या छुपा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार मोबाइल सिस्टम के जरिये सही संख्या जान सकती है क्योंकि यात्रियों के पास मोबाइल होगा. इस दौरान अखिलेश यादव ने दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर बस के अंदर जलकर हुई मौतों पर गहरा शोक जताया और बस पर फूल चढ़ाकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए फूल अर्पित किए.

मुआवजे पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव इस दौरान छिबरामऊ के 100 बेड वाले अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने घायलों से हादसे के विषय में जानकारी ली और इस दुर्घटना का जिम्मेदार सरकार को बताया. इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज पहुंचकर अखिलेश यादव ने घायलों के इलाज और उनकी देखभाल की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने घायलों की मदद और मृतकों के मुआवजे पर भी सवाल उठाया. मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग एडमिट हैं, मैंने उनसे बातचीत की है. कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने खुद ही कांच तोड़े और कू कर बाहर निकले. उन्होंने कहा, मैंने बस देखी है और वह ट्रक भी देखा है जिनकी टक्कर हुई. बस देखने से यह लगता है कि वह पूरी गैर-कानूनी ढंग से बनी हुई है. लंबी दूरी की बसों के लिए जो मानदंड होते हैं उसका पालन नहीं किया गया.

10 लाख मिले मुआवजा

अखिलेश यादव ने कहा, मैं चाहूंगा कि सरकार टेलीफोन कंपनियों से बात करे, सूचना दे कि आखिरकार कितने लोग मोबाइल के साथ बस में सफर कर रहे थे. सरकार एक मोबाइल नंबर जारी करे और जनता में प्रचार करे कि अगर किसी परिवार के सदस्य की जान गई है या घर नहीं लौटा है तो उसे सूचना प्राप्त हो सके. हमने मांग की थी कि जिन परिवार के सदस्यों की जान गई है उनको दस लाख रुपये की मदद मिले. घायलों को जो मदद मिलनी चाहिए थी वह नहीं मिली है. अगर सही समय पर फायरब्रिगेड आ जाती तो कई लोगों की जान बच जाती. अखिलेश यादव ने बस के मालिक और चालक को बीजेपी कार्यकर्ता बताते हुए घटना के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताया.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें