scorecardresearch
 

उन्नाव: एक दिन में पूरी नहीं होगी खजाने की खुदाई, महीनों करना पड़ सकता है इंतजार

उन्नाव के डौंडिया खेड़ा में राजा रामबख्श सिंह के किले में खजाने की खोज के लिए उत्साह तो बहुत है लेकिन यह खुदाई पूरी होने में एक महीने तक लग सकते हैं.

X
उन्नाव खजाना उन्नाव खजाना

उन्नाव के डौंडिया खेड़ा में राजा रामबख्श सिंह के किले में खजाने की खुदाई को लेकर रोमांच और उत्साह तो बहुत है लेकिन इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. खुदाई पूरी होने में एक महीना भी लग सकता है.

थोड़ा खोदने पर और साफ होगी स्थिति
एएसआई टीम के प्रभारी एसपी शुक्ला की देखरेख में टीम ने खुदाई वाली जगह पर कलर पोल और लकड़ी के खूंटे गाड़ दिए हैं. इन्हीं चिन्हित स्थानों से खुदाई का काम शुरू किया जाएगा. एएसआई के नियमों के मुताबिक लगाए गए निशान की दो मीटर परिधि में पहले खुदाई की जाएगी. गहराई में बढऩे के साथ यह तय होता जाएगा कि कब, कितनी और कैसे खुदाई करनी है.

एएसआई टीम के एक सदस्य बताते हैं कि खुदाई के मामले में पुरातत्व विभाग का कोई सख्त मानक नहीं है. कहीं पर होने वाली रोज की खुदाई की माप वहां की जमीन और उसके अंदर निकलने वाली चीजों पर निर्भर करती है. किला परिसर में यह मानक क्या होगा? यह खुदाई शुरू होने के बाद ही तय किया जा सकेगा.

आम खुदाई से अलग होती है ASI की खुदाई
खुदाई में सोने का अकूत भंडार निकलने की आस में लोगों में खासा रोमांच है. डौंडिया खेड़ा किले के आसपास मीडिया और स्थानीय नागरिकों का जमावड़ा लगा हुआ है. हालांकि यह खुदाई कुछ घंटो और दिन में पूरी नहीं होने वाली. इसमें कई महीने भी लग सकते हैं. एएसआई के पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद सीबी मिश्र बताते हैं कि पुरातात्विक उत्खनन आम खुदाई से अलग होता है. इसमें धैर्य और सावधानी का विशेष ध्यान रखा जाता है.

खुदाई की होगी रिकॉर्डिंग
मिट्टी को परत दर परत हटाया जाता है. इसके लिए जगह के हिसाब से 10 गुणा 10 मीटर की ट्रेंच बनाकर खुदाई की जाती है, वह भी बीच- बीच में जगह छोडकर. एक दिन में 50 सेंटीमीटर से अखिक खुदाई नहीं की जाती. इतना ही नहीं पूरी खुदाई की रिकॉर्डिंग और डिजाइन भी बनाई जाती है जिसमें खासा समय लगता है.

खजाना दिखा तो 200 मीटर तक घोषित होगा 'नो-मैन्स लैंड'
खुदाई में मिलने वाले अवशेषों को ब्रशिंग कर अलग किया जाता है. यहां बता दें कि उन्नाव के संत शोभन सरकार ने किले में 1000 टन सोने का भंडार होने की बात कहकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था. इसके बाद किले की खुदाई के लिए 18 अक्टूबर का दिन तय किया गया था. खुदाई के लिए निर्धारित समय के करीब आने के साथ किला परिसर में आम लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है.

मौके पर तमाशबीनों की भीड़ रोकने के लिए पीएसी तैनात कर दी गई है. उन्नाव की एसपी सोनिया सिंह ने बताया कि किला परिसर में सिर्फ एएसआई टीम के सदस्य ही मौजूद रहेंगे. जब किला परिसर में सोने का भंडार मिलने की संभावना दिखेगी तो 200 मीटर से ज्यादा के इलाके को नो मैन लैंड घोषित कर दिया जाएगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें