लखनऊ में उड़न-तश्तरी देखे जाने की अजीब घटना सामने आई है. खगोलशास्त्री पहली नजर में इसे यूएफओ (Unidentified flying object) मान रहे हैं. हालांकि सरकारी तौर पर ऐसी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है, लेकिन इन दिनों पृथ्वी के अलावा दूसरे ग्रहों पर भी जीवन की संभावनाओं पर चर्चाएं हो रही हैं. ऐसे में यूएफओ का देखा जाना लखनऊ में चर्चा का विषय बना हुआ है.
सोमवार की शाम लखनऊ के राजाजीपुरम ई-ब्लॉक के सेक्टर-11 निवासी अमित त्रिपाठी ने एक अजीब रोशनी वाला गोला आसमान में देखा. उस समय वे अपनी बालकनी में बैठकर मोबाइल से सनसेट की तस्वीर खींच रहे थे. तभी उसे सूरज के बगल में एक रोशनी का गोला दिखाई पड़ा. देखते ही देखते वह गोला तेजी से आसमान में घूमने लगा. अमित ने बिना देरी किए उस अजीब रोशनी वाली चीज की तस्वीर अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर ली. करीब 40 सेकेंड में वह गोला तेजी से ऊपर उठा और गायब हो गया. यह बात जब लोगों को पता चली, तो हड़कंप मच गया.
चश्मदीद अमित त्रिपाठी ने इस बारे में बताया, 'शाम को बारिश हुई थी. 6:44 का टाइम था. सनसेट बढ़िया दिख रहा था. तभी एक गोल ऊपर आया और राइट-लेफ्ट होने लगा. मैंने सोचा कि वीडियो ऑन करूं, लेकिन हो नहीं पाया. मैंने चार-पांच फोटो खींची.'
जुलाई-अगस्त के मौसम में उल्का पिंड पृथ्वी के नजदीक से निकलते हैं. लेकिन ये आसमान में टूटते तारे जैसे दिखते हैं, लगातार बनी रोशनी के गोले जैसे नहीं. कई बार कैमरे के लेंस में रोशनी का घेरा आ जाता है. लेकिन इस मामले में यह मोबाइल का कैमरा अपनी जगह पर है.
गौरतलब है कि 11 जुलाई को असम के गुवाहाटी में, 14 जुलाई को टुंडला में और दो दिन पहले शामली में भी उड़न-तश्तरी देखे जाने की जानकारी खगोल वैज्ञानिकों ने दी है.