सियासी हाशिये पर चल रहे सांसद अमर सिंह ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी से तार जोड़ लिए हैं. मंगलवार को वे राजधानी में जनेश्वर मिश्र पार्क के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए. वे चार साल बाद किसी मंच पर मुलायम सिंह यादव के साथ नजर आए. इस नए राजनीतिक घटनाक्रम को राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, इस मंच पर आजम खान के नहीं दिखने से सियासी गलियारों में तमाम तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं. सूत्रों के मुताबिक आजम एक मंच पर मुलायम और अमर के दिखने से नाराज हैं.
माना जा रहा है कि मुलायम-अमर की दोस्ती परवान चढ़ी तो अमर सिंह को सपा फिर से राज्यसभा में भेज सकती है. उनका कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है. एक जमाने में अमर सिंह को सपा मुखिया मुलायम सिंह का करीबी व भरोसेमंद माना जाता था. पार्टी और सरकार के स्तर से होने वाले फैसलों में उनकी अहम भूमिका होती थी. वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में तो सपा ने आजम खां की कीमत पर अमर सिंह को तरजीह दी थी. आजम नहीं चाहते थे कि अमर सिंह की नजदीकी जयाप्रदा को रामपुर से लोकसभा का टिकट मिले. इस पर आजम सपा छोड़ गए थे. आजम के विरोध के बावजूद जयाप्रदा सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ीं और जीती भीं. बाद में अमर सिंह के सपा नेतृत्व से रिश्तों में तल्खी आती चली गई. यह रिश्तों के अलगाव तक पहुंच गई.
वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में अमर सिंह ने अपनी पार्टी बनाकर उम्मीदवार खड़े किए व सपा पर जमकर निशाना साधा. लोकसभा चुनाव 2014 में वे राष्ट्रीय लोकदल प्रत्याशी के रूप में फतेहपुर सीकरी व जयाप्रदा बिजनौर से लड़ीं. पर, दोनों की ही जमानत नहीं बच पाई. अब राजनीतिक हालात बदले हुए हैं. अमर सिंह की राज्यसभा सदस्यता 25 नवंबर को समाप्त हो रही है. उन्हें कोई ऐसा राजनीतिक ठौर नहीं मिला जहां से फिर राज्यसभा में पहुंचा जा सके. ऐसे में उन्हें राज्यसभा में फिर से एंट्री के लिए सपा के अलावा कोई और ठिकाना नजर नहीं आ रहा.
बताया जाता है कि अमर सिंह ने मुलायम से दिल्ली में तार जोड़े और सपा के नजदीक आने के संकेत दिए. मोदी लहर में सफाये के बाद सपा ने भी उनसे रिश्ते बहाली के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं. इसकी शुरुआत अमर सिंह को जनेश्वर मिश्र पार्क के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देने से हुई. उन्होंने न्यौते को स्वीकारते हुए समारोह में शामिल होने का फैसला किया है. अमर सिंह ने खुद को मुलायमवादी कहकर सपा से पुरानी तल्खी भूलकर नई शुरुआत का संदेश दे दिया है.