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हाथरस कांड: मेधा पाटकर ने UP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, न्यायिक जांच की मांग

मेधा पाटकर ने कहा कि हम इस मामले में महिलाओं के लिए सुरक्षा, महिलाओं के लिए न्याय, घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों की सजा की मांग कर रहे हैं. हम न्यायिक जांच चाहते हैं.

हाथरस पीड़िता का परिवार (फाइल फोटो-PTI) हाथरस पीड़िता का परिवार (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हाथरस गई थी फैक्ट फाइंडिंग टीम
  • मेधा पाटकर भी थीं टीम में शामिल
  • टीम ने UP सरकार पर लगाए आरोप

हाथरस कांड पर फैक्ट फाइंडिंग टीम ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उत्तर प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए. 9 सदस्यीय टीम में मेधा पाटकर, मणि माला, संदीप पांडेय शामिल थे. मीडिया से बात करते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने कहा कि हमने राज्य सरकार के उत्पीड़न, पुलिस और अस्पताल अधिकारियों की लापरवाही देखी है.

मेधा पाटकर ने कहा कि हमने पाया कि अस्पताल का हर डॉक्टर और कर्मचारी शायद राज्य प्रशासन के दबाव में था, इसीलिए विरोधाभासी रिपोर्ट सामने आ रही है. एफआईआर में सामूहिक बलात्कार का जिक्र नहीं है. पीड़ित लड़की और आरोपी के बीच कोई रिश्ता नहीं था. यह परिवार इतना गरीब था कि उन्हें मायावती सरकार द्वारा दी गई 5 बीघा जमीन में से केवल 3.5 बीघा जमीन मिली. पीड़ित परिवार का कोई दोष नहीं है.

मेधा पाटकर ने कहा कि आरोपी ने पीड़ित को परेशान करने और छेड़छाड़ करने की कई बार कोशिश की थी. यह मामला क्रूर तरीके से पितृसत्तात्मक व्यवस्था का उदाहरण है, कैसे जाति व्यवस्था महिलाओं को दबाती है. उच्च जाति के पुरुषों ने मामले को बदलना चाहा. राजनेता ऐसे बयान देते रहे हैं, जिनसे हम सहमत नहीं हैं. इन लोगों ने कहा था कि हम उन लोगों को अंधा कर देंगे जो हमारी बेटियों को देखते हैं. हम ऐसे हिंसक बयानों का समर्थन नहीं करते हैं.

मेधा पाटकर ने आरोप लगाया कि मीडिया पर भी हमला किया जा रहा है. केरल का पत्रकार गिरफ्तार कर लिया गया. जिस तरह से लड़की को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और परिवार को रोते हुए छोड़ दिया गया. हमें कोई जानकारी नहीं दी गई. उसे अस्पताल से बाहर निकाला गया और सबूत नष्ट करने के लिए शव को जलाया गया.

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मेधा पाटकर ने कहा कि हम इस मामले में महिलाओं के लिए सुरक्षा, महिलाओं के लिए न्याय, घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों की सजा की मांग कर रहे हैं. हम न्यायिक जांच चाहते हैं. वहीं, मणिमाला ने कहा कि जिस तरह से आरोपियों को बचाने के लिए समाज का एक वर्ग खड़ा हुआ है, वह बेहद डरावनी स्थिति है. बलात्कार तेजी से बढ़े हैं.

मणिमाला ने कहा कि लोग कहते हैं कि बलात्कार का कोई धर्म या जाति नहीं है, लेकिन मैं कहता हूं कि नहीं, इस देश में बलात्कारियों का एक जाति और एक धर्म होता है. अन्यथा यह बहुत विचित्र बात होगी कि एक पूरा समाज बलात्कारियों की रक्षा के लिए खड़ा हो गया है. अगर आप बलात्कारियों की रक्षा करेंगे तो बलात्कार बढ़ेंगे.

मणिमाला ने कहा कि कठुआ में भी यही हुआ था. यह एक चलन बन गया है कि लोग बलात्कारियों के समर्थन में सामने आते हैं. पहले हम कहते थे कि कोई भी हत्यारे या बलात्कारी का समर्थन नहीं करेगा, लेकिन आज हमारा समाज इतना भ्रष्ट हो गया है कि हम लोगों को अपने धर्म और जाति के आधार पर बलात्कारियों और हत्यारों के साथ खड़े हो जाते हैं.

वहीं संदीप पांडेय ने कहा कि ऐसा लगता है कि लोगों में पुलिस या कानून का कोई डर नहीं है. एक मामले में आरोपी बनाए गए महोबा के एसपी भूमिगत हो गए हैं. यह यूपी सरकार, जो योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ट्वीट करने पर मध्य प्रदेश के एक लड़के को ढूंढ सकती है, अपने एसपी और टीम को नहीं खोज सकती, जो गायब हो गए हैं?

संदीप पांडेय ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को सीएम पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वह महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह से विफल रहे हैं. पुलिस ने अंतिम संस्कार नहीं किया था, बल्कि सबूत जलाया था. प्रशासन और सरकार आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है.

 

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