हाथरस की बिटिया के घर जा रही निर्भया केस की वकील सीमा कुशवाहा की पीड़िता के गांव के बाहर पुलिस बैरिकेडिंग पर हाथरस के एडीएम से तीखी तकरार हुई है. तनातनी के बीच सीमा कुशवाहा ने एडीएम से कह दिया कि तुम जैसे लोगों के कारण रेप होते हैं तो एडीएम जेपी सिंह ने पलटकर यह कहने में देरी नहीं की कि तुम जैसे लोगों की वजह से रेप होते हैं.
सीमा कुशवाहा ने कहा कि हाथरस गैंगरेप की पीड़िता के परिवार ने मुझे बुलाया था. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सीमा कुशवाहा ने कहा, 'पीड़िता का परिवार चाहता है कि मैं उनकी वकील के तौर पर इस केस को लड़ूं. लेकिन प्रशासन मुझे परिवार से मिलने नहीं दे रहा है. प्रशासन कह रहा है कि इससे कानून व्यवस्था बिगड़ेगी.'
The family (of alleged gangrape victim) has called me to #Hathras as they want me to stand as their legal counsel. I'm not being allowed to meet them as administration says it'll affect law & order situation: Seema Kushwaha, lawyer of victim in 2012 Delhi gangrape case pic.twitter.com/BC0B1wF7Vm
— ANI UP (@ANINewsUP) October 1, 2020
निर्भया का मुकदमा लड़ने वाली और दोषियों को मौत की सजा दिलाने वालीं वकील सीमा कुशवाहा गुरुवार को हाथरस पहुंची थीं. वह पीड़िता के परिवार से मिलना चाहती थीं, लेकिन प्रशासन के साथ उनकी भिड़ंत हो गई.
सीमा कुशवाहा ने कहा, 'हाथरस की बेटी को पुलिस ने पेट्रोल डालकर जलाया है. मैंने निर्भया को न्याय दिलाया है. इसे भी न्याय दिलाऊंगी. इसका भी केस लड़ूंगी. उन्होंने यह भी कहा है कि भारत में किसी भी प्रोफेशन की महिलाएं यह दावा नहीं कर सकती हैं कि वह सुरक्षित हैं.'
गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप कांड की कानूनी लड़ाई सीमा कुशवाहा ने लड़ी थी. उन्होंने डिस्ट्रिक कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी. निर्भया के दोषियों को 20 मार्च 2020 को फांसी दी गई थी.