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हाथरस पीड़िता ने एक नहीं, तीन-तीन वीडियो में कही थी जोर-जबर्दस्ती और दरिंदगी की बात

पीड़िता के तीन वीडियो बयानों को बारीकी से सुनने से खुलासा होता है कि वो हमलावरों की ओर से जबरन यौन संबंध बनाने की कोशिशों की शिकायत करते दिख रही है.

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यूपी सरकार ने की है सीबीआई जांच की सिफारिश (फाइल फोटोः पीटीआई) यूपी सरकार ने की है सीबीआई जांच की सिफारिश (फाइल फोटोः पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बीजेपी आईटी सेल से दोबारा जारी वीडियो शामिल
  • पीड़िता ने लगाए रेप करने की कोशिश का आरोप
  • थाने के बाहर की भी है एक वीडियो क्लिप

ऐसे में जबकि भारतीय जनता पार्टी का आईटी सेल हाथरस केस में रेप के आरोपों को डाउनप्ले करते लगता है, इंडिया टुडे की ओर से एनालाइज किए गए पीड़िता के तीन अलग-अलग वीडियो साफ रूप से दिखाते हैं कि वो लगातार अपने हमलावरों पर यौन हिंसा (सेक्सुअल वाइलन्स) के आरोप लगाती रही. 

इंडिया टुडे की ओर से जांच की गई एक क्लिप, जो असल में बीजेपी के आईटी सेल चीफ अमित मालवीय ने खुद शुक्रवार को पोस्ट की थी, जिस पर उन्होंने कमेंट किया था- "हाथरस पीड़िता ने AMU  के बाहर एक रिपोर्टर के साथ हुए संवाद में दावा किया कि उसका गला घोंटने की कोशिश की गई थी. इसमें से कुछ भी अपराध की क्रूरता को दूर नहीं करता, लेकिन इसे रंग देना अनुचित है और और एक जघन्य अपराध की दूसरे के सामने भयावहता को हल्का करना है.” 

मालवीय ने  पीड़िता की मां का एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें वो पुलिस स्टेशन के बाहर है और घायल पीड़िता जमीन पर लेटी कराहती हुई दिखती है. इस फुटेज में भी मां ने बेटी से रेप होने की बात नहीं कही. 

वीडियो गवाही I 

पीड़िता के तीन वीडियो बयानों को बारीकी से सुनने से खुलासा होता है कि वो हमलावरों की ओर से जबरन यौन संबंध बनाने की कोशिशों की शिकायत करते दिख रही है. पहली क्लिप, जिसे मालवीय ने शुक्रवार को पोस्ट भी किया, पीड़िता का पहला वीडियो बयान है जिसे 14 सितंबर को रिकॉर्ड किया गया. मालवीय द्वारा शुक्रवार को पोस्ट की गई पहली क्लिप भी, पीड़ित का पहला उपलब्ध वीडियो बयान 14 सितंबर को दर्ज किया गया.

बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख ने अपनी पोस्ट में ऐसा संकेत दिया कि फुटेज को AMU के बाहर शूट किया गया था, लेकिन आजतक के स्थानीय प्रतिनिधि राजेश सिंघल ने इस फुटेज के घटना वाले दिन चंदपा पुलिस स्टेशन पर साथी स्थानीय पत्रकारों की ओर से रिकॉर्ड किए जाने की पुष्टि की. 

इस वीडियो में, पीड़िता को यह कहते सुना जा रहा है कि "गला दबा दिया, यह पूछे जाने पर कि क्यों तो उसका जवाब था "जबर्दस्ती ना करे दे रही तासु". 

वीडियो गवाही II 

दूसरा वीडियो उसी दिन, हाथरस के बागला सरकारी अस्पताल में शूट किया गया था. इस क्लिप में पीड़िता ने अभियुक्त की पहचान की. घटना और हमले के पीछे के मकसद के बारे में पूछे जाने पर, उसने कहा, "हम घास लेने गए थे ...अंदर ले गए मुझे... मेरा गला दबा दिया, मेरे साथ जबदस्ती करे.” 

वीडियो गवाही III 

तीसरे वीडियो में,  जिसे आजतक और इंडिया टुडे सहित विभिन्न समाचार नेटवर्कों पर प्रसारित किया गया, पीड़िता ने अपने कथित रेपिस्ट के तौर पर रवि और संदीप का नाम लिया. इस क्लिप को कथित तौर पर 22 सितंबर को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ में शूट किया गया. 

पीड़िता ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि संदिग्धों की ओर से की गई इस तरह की ये दूसरी कोशिश थी. पहली घटना के दौरान वह भागने में सफल रही थी. पीड़िता ने कथित पहली कोशिश के बारे में कहा- "मैं वहां से भाग गई .”. 

उसने आगे कहा कि वहां मौजूद दूसरे लोग उसकी मां को देखकर भाग गए थे. यह पूछे जाने पर कि क्या उस पर इसे रेप कहने के लिए कोई दबाव है, वह जवाब देती है "नहीं, कोई दबाव नहीं है, वो लोग उसी तरह के हैं.” ये वीडियो पीड़िता का सार्वजनिक तौर पर आखिरी बयान उपलब्ध है. 

 

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