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4 जिलों के डीएम तलाश रहे दुल्हन

बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के डीएम तलाश रहें हैं दुल्हनें. चौंकिए मत. वो खुद शादी नहीं क‍रना चाहते. बल्कि वो ऐसी लड़कियों को खोज रहे हैं जिन्होंने अपनी शादी के लिए सरकारी सहायता के लिए फर्जी डॉक्यूमेंट जमा किए थे.

बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के डीएम तलाश रहें हैं दुल्हनें. चौंकिए मत. वो खुद शादी नहीं क‍रना चाहते. बल्कि वो ऐसी लड़कियों को खोज रहे हैं जिन्होंने अपनी शादी के लिए सरकारी सहायता के लिए फर्जी डॉक्यूमेंट जमा किए थे. सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट को पता चला है कि विधवा औरतों और यहां तक कि दादी- नानी की उम्र की औरतों ने भी शादी के लिए सरकारी कोष को लूटा है.

पिछले सालों के सरकारी रिकॉर्ड की जांच पड़ताल के बाद पता चला है कि अल्पसंख्यक समुदाय की कई जवान लड़कियों, जिन्होंने एक वेलफेयर स्कीम के तहत शादी के लिए 10000 रुपये की सहायता मुहैया कराई गई थी और पैसे के लिए फर्जी डाक्यूमेंट जमा किए थे. अल्पसंख्यक ऑफिसर जगमोहन सिंह के अनुसार उनमें से कई ने तो पैसे लेने के बाद शादी की भी नहीं. इनमें से अधिकतर केस बहेरी, फरीदपुर और मीरगूंज तेहसील से हैं.

अब बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों के डीएम को पिछले 3 सालों में शादी के लिए आई ऐसी हर लड़की के फिजिकल वेरेफिकेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

नायब तहसीलदार के निर्देशन में अब जिला अधिकारियों की टीमें सभी लाभार्थियों के घरों का दौरा करेंगी. सभी के इनकम सेर्टिफिकेट चैक किए जाएंगे और शादी के प्रूफ भी दोबारा लिए जांएगें. ऐसे में शादी की तारीख आदि पड़ोसियों ये भी पूछी जा सकती है.

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