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दिल्ली मुंबई कॉरिडोर: किसानों की जमीन पर चला बुलडोजर, मुआवजा लेने के बाद भी नहीं की थी जमीन खाली

पूरा मामला ग्रेटर नोएडा के दादरी थानां क्षेत्र के बोड़ाकी गाँव का है. वहां पर प्रशासन के जमीन खाली करने के नोटिस के बावजूद भी निर्माण कार्य को ध्वस्त नहीं किया जा रहा था.

किसानों की जमीन पर चला बुलडोजर ( सांकेतिक फोटो) किसानों की जमीन पर चला बुलडोजर ( सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसानों की जमीन पर चला बुलडोजर
  • दिल्ली मुंबई कॉरिडोर से जुड़ा मामला
  • अतिक्रमण को लेकर बवाल

शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में किसान और पुलिस के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. एक तरफ बुलडोजर से किसानों के अतिक्रमण को साफ कर दिया गया तो वहीं दूसरी तरफ दूसरे किसानों को समय रहते अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी कर दिया गया. ये सब इसलिए किया गया क्योंकि किसानों की वजह से दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना का काम लंबे समय से लंबित हो रहा था. कई साल पहले ही किसानों की जमीन को प्रोजेक्ट के इस्तेमाल के लिए खरीद लिया गया था, किसानों को मुआवजा भी दिया गया था. लेकिन उसके बाद भी जमीन खाली नहीं की गई जिसके बाद पुलिस ने ये सख्ती दिखाई.

किसानों की जमीन पर चला बुलडोजर

पूरा मामला ग्रेटर नोएडा के दादरी थानां क्षेत्र के बोड़ाकी गांव का है. वहां पर प्रशासन के जमीन खाली करने के नोटिस के बावजूद भी निर्माण कार्य को ध्वस्त नहीं किया जा रहा था. किसानों को कई नोटिस दिए गए थे, लेकिन कोई भी फायदा नहीं हुआ. ऐसे में एक तरफ पुलिस की ये सख्त कार्रवाई देखने को मिल गई और दूसरे किसानों को चेतावनी जारी कर दी गई. शनिवार को भी जब अतिक्रमण को हटाया जा रहा था, तब मौके पर एसडीएम दादरी, एसीपी दादरी और भारी पुलिस फ़ोर्स मौजूद रही थी. किसान आक्रोशित जरूर थे, भारी पुलिस बल के आगे ज्यादा कुछ नहीं कर सके.

अतिक्रमण को लेकर बवाल

जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का बोड़ाकी गांव में मुख्य कार्यालय बन रहा है. इस क्षेत्र को पूरी परियोजना का केंद्र माना जा रहा है. जिसके लिए प्राधिकरण कई वर्ष पहले ही बोड़ाकी सहित आसपास के गांव की जमीन खरीद चुका है. दादरी एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता के मुताबिक किसान मुआवजा उठाने के कई साल बाद भी जमीन को खाली नहीं कर रहे हैं. जिससे परियोजना का कार्य लंबित पड़ा हुआ है. किसानों ने जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है. प्रशासन की तरफ से साफ कर दिया गया है कि अगर किसानों ने सहयोग नहीं किया तो आगे भी फोर्स द्वारा अतिक्रमण को हटाने का  काम जारी रहने वाला है.
 

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