नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यूं तो रास्ता साफ हो गया है, लेकिन चार ऐसे परिवार हैं जो अब भी गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं. यह परिवार अपनी अनोखी जिद पर अड़े हैं, जिस जिद को पूरा करने के लिए प्रशासन फिलहाल तैयार नहीं है. परिवार की देन है कि उनके ऊपर दर्ज 2020 की एफआईआर को खत्म किया जाए. उसके बाद यह परिवार गांव को छोड़ेगा.
नोएडा अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जेवर के निर्माण हेतु अधिग्रहित भूमि में स्थित ग्राम रोही, नगला फूल खाँ, नगला गनेशी, नगला छीतर, नगला शरीफ खाँ तथा दयानतपुर खेडा की आबादी के विस्थापन एवं पुनव्यवस्थापन का कार्य पूरी तरीके से चल रहा है. सभी विस्थापित परिवार जमीनों का मुआवजे का भुगतान लेकर जेवर बांगर में अपने आवासों का निर्माण कर रहे हैं.
ग्राम नगला फूल खां, नगला गणेशी, नगला छीतर नगला शरीफ खां तथा दयानतपुर खेडा में विस्थापन का काम पूरा हो चुका है. ग्राम रोही में कुल 1039 परिवारों में से मात्र 04 परिवारों को छोड़कर शेष परिवार विस्थापित हो चुके हैं. शेष बचे परिवारों में से एक परिवार राम कुमार पुत्र लखपत का भी है. यह व्यक्ति ग्राम रोही में वर्ष 2020 में पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों पर हुए पथराव की घटना में नामजद है. परिवार का कहना है कि पुलिस प्रशासन इस शख्स पर दर्ज एफआईआर खत्म करें.
इन परिवारों से गांव खाली कराने के लिए पुलिस प्रशासन के लोग लगातार बातचीत और उन को समझाने बुझाने की कोशिश कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि एफआईआर खत्म करने की मांग गैर-वाजिब और नाजायज है. इससे जुड़ा एक वीडियों भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर वायरल किया जा रहा है.
विस्थापन के सम्बन्ध में इस परिवार से लगातार वार्ता कर समझाने का प्रयास प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, लेकिन इनके द्वारा एफआईआर खत्म करने जैसी गैरवाजिब मांग रखकर अनावश्यक रूप से विस्थापन के कार्य को बाधित किया जा रहा है. इस सम्ब में एक वीडियों भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर वायरल किया जा रहा है.
जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि वीडियो जिस रूप में प्रचारित प्रसारित किया जा रहा है, वह दुर्भावना से प्रेरित है तथा नोएडा अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जेवर के निर्माण हेतु गतिमान शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास है. परिवार के साथ किसी प्रकार को दुव्यवहार नहीं किया गया है. उनसे बातचीत के जरिए विस्थापन का प्रयास किया जा रहा है.