योगी सरकार ने तीन दिन के इंतजार के बाद प्रियंका गांधी की बसों की पेशकश को स्वीकार किया, लेकिन पेंच भी फंसा दिया. पहले बसों की लिस्ट फिर फिटनेस सर्टिफिकेट, चालक के ड्राइविंग लाइसेंस सहित परिचालक का ब्योरा मांगा. बसों को पहले लखनऊ में और बाद में नोएडा और गाजियाबाद भेजने की इजाजत दी.
वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बसें यूपी की सीमा पर खड़ी हैं, जिन्हें प्रशासन अंदर नहीं घुसने दे रहा है. दूसरी ओर, यूपी सरकार ने कहा कि कांग्रेस की सूची में ऑटो, एबुंलेंस, ट्रक और निजी कार के नंबर हैं, इस पर कांग्रेस ने मौके पर आकर बसें देखने की चुनौती दी. इन सब के बीच बेबस मजदूर पैदल घर जाने को मजबूर हैं.
कांग्रेस की बसों पर सड़क से थाने तक पहुंची सियासी जंग, मजदूर अब भी बे'बस'
कांग्रेस-यूपी सरकार में चिट्ठी वार
दरअसल, 16 मई को प्रियंका गांधी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मजदूरों की वापसी के लिए 1000 बस देने की पेशकश की थी. इस पर 18 मई को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने मंजूरी देते हुए बसों की लिस्ट मांगी और साथ ही बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट का पेच भी फंसा दिया. इसके बाद चिट्ठियों का सिलसिला शुरू हो गया है.
आगरा बॉर्डर के पास खड़ी हैं बसें
मंगलवार को प्रियंका गांधी और योगी सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा. कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि उनकी बसें आगरा के नजदीक बॉर्डर पर खड़ी हैं लेकिन जिला प्रशासन उन्हें अंदर दाखिल होने की इजाजत नहीं दे रहा है. मौके पर यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी मौजूद थे. इस दौरान जमकर पुलिस के साथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हुई. यूपी पुलिस ने अजय कुमार लल्लू को हिरासत में ले लिया.
मजदूरों की कराई जाए घर वापसी
प्रियंका गांधी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को ट्वीट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का खुद का बयान है कि हमारी 1049 बसों में से 879 बसें जांच में सही पाई गईं. ऊंचा नगला बॉर्डर पर आपके प्रशासन ने हमारी 500 बसों से ज्यादा बसों को घंटों से रोक रखा है. इधर, दिल्ली बॉर्डर पर भी 300 से ज्यादा बसें पहुंच रही हैं. कृपया इन बसों को तो चलने दीजिए. हम आपको कल 200 बसों की नई सूची दिलाकर बसें उपलब्ध करा देंगे. बेशक आप इस सूची की भी जांच कीजिएगा. घर वापसी करने वाले लोग बहुत कष्ट में हैं और दुखी हैं. ऐसे में हम और देर नहीं कर सकते हैं.
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार की जांच में सही मिलीं हमारी 879 बसों को ही चलने दें, भले इन पर बीजेपी का बैनर पोस्टर लगवा दें.
गाड़ियों में ही निकाली जा रही है खामी
योगी सरकार की ओर से कई नेताओं ने बयान देते हुए कहा कि 879 बसों में भी कई ऐसे वाहन हैं, जिनमें अलग-अलग खामियां हैं. इनमें 79 गाड़ियों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है. यही नहीं, 140 गाड़ियों का तो बीमा खत्म हो चुका है. उधर, 78 गाड़ियों की फिटनेस और बीमा दोनों खत्म हो गया है. ऐसे में खामियों वाली कुल गाड़ियों की संख्या 297 है.
प्रियंका गांधी के सचिव पर केस दर्ज
वहीं, इस सियासी घमासान के बीच बसों की गलत जानकारी देने के लिए लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 420/467/468 के तहत प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
नोएडा पहुंची कांग्रेस की 100 बसें, प्रियंका गांधी के निजी सचिव बोले- आज शाम तक यहीं रहेंगे
प्रियंका और योगी सरकार के बीच तनातनी और वार-पलटवार के बीच मजदूर पिस रहा है. पिछले चार दिनों से चल रहा यह राजनीतिक संग्राम जारी है, जिसके बीच घर लौटने वाले प्रवासी मजदूर बेबस व लाचार है और पैदल ही अपने घर जाने के लिए मजबूर है.