scorecardresearch
 

सीएम योगी का फैसला, जानिए किसे मिलेगी सात दिन की छुट्टी, नहीं कटेगी सैलरी 

यूपी में लगातार कोरोना केस बढ़ते जा रहे हैं. इस बीच राज्य सरकार के नए कोविड गाइडलाइन के मुताबिक प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई कर्मचारी यदि कोविड पॉजिटिव होता है तो उसे कम से कम सात दिन की छुट्टी मिलेगी और सैलरी भी नहीं कटेगी.

X
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीएम ने कहा- हम जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए संकल्पित हैं
  • ऑफिस में 50% लोगों की उपस्थिति का दिया निर्देश

यूपी में लगातार बढ़ रहे कोरोना केस को देखते हुए सरकार सख्ती बढ़ाती जा रही है. इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में 50% लोगों की उपस्थिति का आदेश दिया है. लखनऊ में सोमवार को टीम-09 के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कोविड के हालात की समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिए है कि सभी शासकीय व प्राइवेट कार्यालयों में एक समय में अधिकतम 50℅ कार्मिकों की उपस्थिति की व्यवस्था लागू की जाए. काम में किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए 'वर्क फ्रॉम होम' को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया. राज्य सरकार के नए कोविड गाइडलाइन के मुताबिक प्राइवेट क्षेत्र के कार्यालयों का कोई कर्मचारी यदि कोविड पॉजिटिव होता है तो उसे न्यूनतम 07 दिनों का वेतन सहित अवकाश दिया जाएगा. 

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, अमित मोहन प्रसाद ने मुख्यमंत्री को बताया कि बीते 24 घंटों में हुई 02 लाख 01 हजार 465 सैम्पल की जांच में कुल 8334 नए पॉजिटिव मिले. 335 लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं. वर्तमान में कुल एक्टिव केस की कुल संख्या 33,946 है, इनमें 33,563 लोग होम आइसोलेशन में है.

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने भी बढ़ते कोरोना मामलों को लेकर अहम निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि बाहर से आने वाले सभी यात्रियों का टेस्ट अनिवार्य तौर पर कराया जाए. इसके अलावा ये भी आदेश दिया गया है कि 50% कर्मचारियों की संख्या के साथ चलेंगे सरकारी और निजी दफ्तर.

उस मीटिंग में सीएम योगी ने भी कई पहलुओं पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर एक प्रदेशवासी के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए संकल्पित है. इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं. बीते कुछ दिनों से प्रदेश में कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. लोगों में पैनिक न हों, अतः उन्हें सही, सटीक और समुचित जानकारी दी जाए. 

सीएम योगी ने कहा कि कोविड के इस चरण में बहुत कम संख्या में लोगों को अस्पताल की जरूरत पड़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैरिएंट पूर्व के वैरिएंट्स की तुलना में बहुत कम नुकसानदेह है. वैक्सीन कवर ले चुके स्वस्थ-सामान्य व्यक्ति के लिए यह बड़ा खतरा नहीं है. कोरोना प्रोटोकॉल का हर हाल में अनुपालन जरूरी है. लोगों को बताया जाना चाहिए कि घबराने की नहीं, सावधानी और सतर्कता की जरूरत है. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य रूप से हो। बिना स्क्रीनिंग किसी को प्रवेश न दिया जाए. 

जिलों में पहुंच व्यवस्थाओं की पड़ताल करेंगे नोडल अधिकारी

कोविड से बचाव के इंतजाम, शीतलहर और ओलावृष्टि की स्थिति में जिलों की  व्यवस्थाओं की पड़ताल के लिए नोडल अधिकारी अपने जिलों में तीन दिवसीय दौरे पर जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रवास के दौरान यह नोडल अधिकारी जिलों में कोविड ट्रेसिंग, टेस्टिंग, टीकाकरण, अस्पतालों की व्यवस्था, गौशालाओं के प्रबंधन, रैन बसेरों के इंतजाम आदि का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराएं.

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जनपदों में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को 24×7 एक्टिव रखा जाए. पूर्व की भांति वहां नियमित बैठकें आयोजित की जाएं. आईसीसीसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल मौजूद रहे. लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा दी जाए.

आईसीसीसी हेल्पनंबर सार्वजनिक कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए. ताकि लोग किसी जरूरत पर तत्काल वहां संपर्क कर सकें. उन्होंने कहा कि निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए. गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डो में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां क्रियाशील रहें. घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिन्हित किया जाए. उनकी सूची जिला प्रशासन को दी जाए. जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए. 

 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें