नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ उत्तर प्रदेश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने कहा कि अब तक 879 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं पूरे प्रदेश में पुलिस की तैनाती की गई है. इसके साथ ही पीएसई और रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है.
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता लखनऊ का दौरा करना चाहते हैं. हम उन्हें इसके लिए अनुमति नहीं देंगे क्योंकि इलाके में धारा 144 लागू है और यहां माहौल और अधिक तनावपूर्ण बन सकता है. डीजीपी ने कहा कि कई लोगों को रोका गया है जो हिंसा फैला सकते हैं. ऐसे लोगों की संख्या तकरीबन 5 हजार है. प्रदेश में असामाजिक तत्वों के खिलाफ 135 मामले दर्ज किए गए हैं.
विरोध प्रदर्शन के दौरान उपजी हिंसा के बारे में डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि 282 पुलिस अधिकारी झड़प में जख्मी हुए हैं. अब तक 15 लोगों की मौत हुई है. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे प्रदेश में शांति व्यवस्था कायम करने में पुलिस की मदद करें.
ओपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में हुई नुकसान की भरपाई करना शुरू कर दिया गया है. उपद्रवी अगर जुर्माना नहीं भरते हैं तो उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी. डीजीपी ने कहा कि टीएमसी के कुछ नेता यहां आना चाह रहे थे लेकिन उन्हें इजाजत नहीं दी गई क्योंकि धारा 144 लागू है.
UP DGP, OP Singh: We have come to know that some political leaders of Trinamool Congress want to visit here (Lucknow). We will not permit them for the same as section 144 is imposed in the area and it can make the atmosphere more tense. #CitizenshipAmendmentAct pic.twitter.com/vcL3dD0EMN
— ANI UP (@ANINewsUP) December 22, 2019
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि टीएमसी के नेता अगर यहां आते हैं तो उन्हें एयरपोर्ट से शहर के अंदर नहीं आने दिया जाएगा. अब तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. हमें उम्मीद है कि आज (रविवार) भी शांति कायम रहेगी.