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जातिगत सर्वे मामले में AAP सांसद संजय सिंह पर बढ़ी राजद्रोह की धारा

पुलिस ने संजय सिंह के खिलाफ दो सितंबर को जातिवादी भावना भड़काने (501-ए) और आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था.

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आप सांसद संजय सिंह की बढ़ी मुश्किल (फोटो- पीटीआई) आप सांसद संजय सिंह की बढ़ी मुश्किल (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जातिवादी भावना भड़काने की धारा में मुकदमा
  • आम आदमी पार्टी के सर्वे का मामला
  • AAP सांसद संजय सिंह ने ली सर्वे की जिम्मेदारी

जातिगत सर्वे कराने को लेकर आप सांसद संजय सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में गुरुवार को राजद्रोह की धारा बढ़ाई गई है. पुलिस ने संजय सिंह को 20 सितंबर को पेशी पर बुलाया है. पुलिस ने संजय सिंह के खिलाफ दो सितंबर को जातिवादी भावना भड़काने (501-ए) और आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था.

आम आदमी पार्टी के सर्वे का मामला सरकार के संज्ञान में आते ही लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईटी एक्ट और जातिगत भावना भड़काने (501-ए) के तहत मामला दर्ज किया है. 

इस सर्वे की जिम्मेदारी AAP सांसद संजय सिंह ने ली है और कहा कि आप (सीएम योगी) मुकदमे कराते रहिए, मैं अपना काम करता रहूंगा. संजय सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा कि, उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरे ऊपर एक 10वां मुकदमा दर्ज कराया है. यूपी में ब्राह्मणों की हत्या कराना अपराध नहीं है. दलितों का अपराध करना अपराध नहीं है. लेकिन, योगी सरकार जातिवादी है या नहीं, यह राय लेना अपराध है. मैंने यह सर्वे कराया कि यह सरकार जातिवादी है या नहीं? 

संजय सिंह ने जातिगत सर्वे का आंकड़ा सार्वजनिक किया. उन्होंने कहा कि, दो दिन के भीतर लाखों लोगों को कॉल हुए, जिसमें से 63 फीसदी लोगों ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ठाकुरों के लिए काम कर रही है. एक जाति की सरकार चल रही हैं. सूबे के 9 फीसदी लोगों ने जवाब देने से मना कर दिया और 28 फीसदी लोगों ने कहा कि योगी सरकार ठाकुरों के लिए काम नहीं कर रही है. 

 

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