scorecardresearch
 

BJP के पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह का निधन, कोरोना से पत्नी की मौत की खबर सुनते ही आया हार्ट अटैक

बताया जा रहा है कि सत्यदेव सिंह का 12 दिनों से मेदांता हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. आईसीयू से ठीक होकर आते ही सत्यदेव सिंह को दिल का दौरा पड़ा था. 12 दिन पहले ही उनकी पत्नी की कोरोना से मौत हुई थी.

Advertisement
X
पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह
पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 1977 में पहली बार सांसद बने थे सत्यदेव सिंह
  • 12 दिन पहले कोरोना से पत्नी की हुई थी मौत

उत्तर प्रदेश के गोंडा और बलरामपुर से तीन बार सांसद रहे सत्यदेव सिंह का निधन हो गया है. कोरोना से जंग जीतने के बाद उनका निधन हुआ है. बताया जा रहा है कि सत्यदेव सिंह का 12 दिनों से मेदांता हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. आईसीयू से ठीक होकर आते ही सत्यदेव सिंह को दिल का दौरा पड़ा था. 12 दिन पहले ही उनकी पत्नी की कोरोना से मौत हुई थी.

पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह को पत्नी की मौत की खबर जैसे ही मिली, उन्हें दिल का दौरा पड़ा और सांसें रूक गई. सत्यदेव सिंह, गोंडा और बलरामपुर से तीन बार सांसद बने थे. उनकी पत्नी सरोज रानी जिला पंचायत अध्यक्ष थीं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्यदेव सिंह के निधन पर शोक जताया है.

1977 में पहली बार बने थे सांसद
1977 में पहली बार सत्यदेव सिंह गोंडा लोकसभा सीटे से भारतीय लोकदल के टिकट पर सांसद बने. इसके बाद 1991 और 1996 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बलरामपुर सीट से लोकसभा पहुंचे. वह 1980 से 1985 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे. सत्यदेव सिंह को अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी का करीबी माना जाता था.

देखें: आजतक LIVE TV  

राम मंदिर आंदोलन में भी थी अहम भूमिका
अपनी सादगी और ईमानदारी के कारण  सत्यदेव सिंह की पहचान बीजेपी के बड़े नेताओं में होती थी. वह युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ-साथ प्रदेश उपाध्यक्ष समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके थे. वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कोर कमेटी तक में भी शामिल रहे थे. राम मंदिर आंदोलन में भी देवीपाटन मंडल से उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही थी.

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement