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बाहुबली मुख्तार अंसारी को अब गैंगस्टर केस में 5 साल की कैद, तीन दिन में दूसरे मामले में हुई सजा

जेलर को धमकाने के मामले में सात साल की सजा के बाद अब मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर के मामले में भी दोषी करार दिया गया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मुख्तार को पांच साल की सजा सुनाई. इसके साथ ही मुख्तार अंसारी पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया है. मामले की एफआईआर वर्ष 1999 में थाना हजरतगंज में दर्ज की गई थी. 

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मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो) मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो)

बाहुबली मुख्तार अंसारी की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं. जेलर को धमकाने के मामले में सात साल की सजा के बाद अब मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर के मामले में भी दोषी करार दिया गया है. तीन दिन के अंदर मुख्तार को दो केस में ठहराया गया है. गैंगस्टर के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मुख्तार को पांच साल की सजा सुनाई.

इसके साथ ही मुख्तार अंसारी पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया है. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 23 साल पुराने एक मामले में भी मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है. न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह निर्णय राज्य सरकार की अपील पर पारित किया है. मामले की एफआईआर वर्ष 1999 में थाना हजरतगंज में दर्ज की गई थी. 

इससे पहले मुख्तार अंसारी को जेलर एसके अवस्थी को धमकाने के मामले में तीन अलग-अलग धाराओं के तहत अधिकतम 7 साल की सजा सुनाई. खास बात है कि यह भी फैसला हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए सुनाया था.

क्या है जेलर को धमकाने का केस?

साल 2003 में तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने थाना आलमबाग में मुख्तार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. जिसके अनुसार, जेल में मुख्तार अंसारी से मिलने आए लोगों की तलाशी लेने का आदेश देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी. साथ ही उनके साथ गाली गलौज करते हुए मुख्तार ने उन पर पिस्तौल भी तान दी थी. 

इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने मुख्तार को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ सरकार ने अपील दाखिल की थी. मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी अंसारी को आईपीसी की धारा 353 के तहत 2 साल सजा और 10 हजार का जुर्माना, धारा 504 के तहत 2 साल की सजा और 2 हजार का जुर्माना व धारा 506 के तहत सात साल की सजा और 25 हजार के जुर्माना लगाने का फैसला सुनाया. हालांकि इन सभी सजाओं को एक साथ चलाया जाएगा, जिसका मतलब है कि अंसारी को सभी धाराओं के तहत कुल मिलकार अधिकतम 7 साल की कैद और 37 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है.

बांदा जेल में ही बंद हैं मुख्तार अंसारी

मुख्तार अंसारी अभी बांदा जेल में बंद हैं और उनकी सुरक्षा के लिए जेल प्रशासन के साथ कानपुर के एक डिप्टी जेलर की ड्यूटी लगाई गई है. जेल प्रशासन के मुताबिक, मुख्तार की सुरक्षा में करीब 32 सुरक्षाकर्मी 24 घंटे में ड्यूटी पर लगाए गए हैं. जिसमे अंदर की बैरक में रहने वाले सुरक्षाकर्मी बॉडी कैम से लैस रहते हैं. यानी हर गतिविधि की नजर शरीर मे लगे कैमरे में रिकॉर्ड होती है. 

 

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