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जमीन विवाद पर राम मंदिर ट्रस्ट की सफाई, खुले बाजार से कम कीमत पर खरीदी है जमीन

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीद में घोटाले का आरोप लगा है. इस पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है कि अभी तक जितनी भी जमीनें खरीदी गई हैं, उनकी कीमत खुले बाजार से काफी कम है.

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का प्रस्तावित मॉडल (फाइल फोटो-PTI) अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का प्रस्तावित मॉडल (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्व मंत्री पवन पांडे ने घोटाले का आरोप लगाया
  • कहा, दो करोड़ की जमीन 18.50 करोड़ में खरीदी
  • ट्रस्ट की सफाई- बाजार से कम कीमत में खरीदी
  • रणदीप सुरेजवाला बोले- हे राम, ये कैसे दिन

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन पर घोटाले के आरोप लगे हैं. ये आरोप अयोध्या के पूर्व सपा विधायक और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने लगाए हैं. इस पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एक बयान जारी कर कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए अभी तक जितनी भी जमीनें खरीदी गई हैं, उनकी कीमत खुले बाजार से काफी कम है.

दरअसल, रविवार को पवन पांडे ने दो करोड़ रुपए में बैनामा कराई गई जमीन को 10 मिनट के अंदर 18.50 करोड़ रुपए में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया गया. उन्होंने कहा कि 12080 वर्ग मीटर यानि 1.208 हेक्टेयर जमीन का बैनामा और एंग्रीमेंट हुआ. बाबा हरिदास ने सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी को बेचा और उसी को ट्रस्ट ने 18.50 करोड़ रुपए में खरीदा. 10 मिनट में जमीन की कीमत 16 करोड़ कैसे बढ़ गई? ये बैनाम और रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 18 मार्च 2021 को किया गया था.

चंपत राय ने देर रात जारी किया बयान
इन आरोपों पर देर रात श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और वीएचपी के नेता चंपत राय की ओर से एक बयान जारी किया गया. चंपत राय ने कहा, " मंदिर परिसर के पूर्व और पश्चिम दिशा में यात्रा को सुलभ बनाने औऔर मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए कुछ छोटे-बड़े मंदिर और गृहस्थों के मकान खरीदने जरूरी हैं. जिनसे मकान खरीदा जाएगा, उन्हें पुनर्वास के लिए जमीनें दी जाएंगी. इस काम के लिए भूमि की खरीदारी की जा रही है."

उन्होंने कहा कि "ट्रस्ट की ओर से अभी तक जितनी भी जमीनें खरीदी गई हैं, वो खुले बाजार से कम कीमत पर खरीदी गई हैं." उन्होंने ये भी कहा कि "जिस जमीन खरीद को लेकर आरोप लग रहे हैं, उस जमीन का सालों पहले जिस कीमत पर रजिस्टर्ड एग्रीमेंट हुआ था, उसे 18 मार्च 2021 को विक्रेताओं ने पहले बैनामा कराया और उसके बाद ट्रस्ट के साथ एग्रीमेंट किया." चंपत राय ने कहा, लोग राजनीति विद्वेष से प्रेरित होकर भ्रम फैला रहे हैं.

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कांग्रेस बोली- हे राम, ये कैसे दिन आ गए
जमीन खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर कांग्रेस भी हमलावर हो गई है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, "हे राम, ये कैसे दिन...आपके नाम पर चंदे लेकर घोटाले हो रहे हैं. बेशर्म लुटेरे अब आस्था बेच ‘रावण’ से अहंकार में मदमस्त हैं. सवाल है कि 2 करोड़ रुपए में खरीदी जमीन 10 मिनट बाद ‘राम जन्मभूमि’ को 18.50 करोड़ में कैसे बेची? अब तो लगता है...कंसो का ही राज है, रावण हैं चहुं ओर!"

आप ने कहा, CBI, ED करे जांच
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि  2 करोड़ की ज़मीन खरीद व 18 करोड़ के एग्रीमेंट, दोनों में राम जन्मभूमि ट्रेस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा गवाह हैं. उनका कहना है कि इस तरह हेराफेरी करके दान के पैसों में 16 करोड़ की चपत लगाई गई है. उन्होंने कहा कि .ये मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है. तत्काल इस मामले की सीबीआई और ईडी से जांच कराई जाए.

 

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