देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट वाराणसी के रविंद्रपुरी क्षेत्र में खुलने वाले संसदीय कार्यालय के उद्घाटन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. 20 अगस्त को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस कार्यालय का उद्घाटन करेंगे.
वाराणसी के रविंद्रपुरी में 1970 में बने इस मकान के मालिक को शायद ये उम्मीद नहीं रही होगी कि ये देश के प्रधानमंत्री की कर्मस्थली पर कार्यों को पूरा कराने का माध्यम बनेगा. लगभग साढ़े चार हजार स्कवायर फीट में बने इस मकान से जनता की समस्याओं का समाधान होगा. राम भवन के नाम से विख्यात इस बिल्डिंग से राम के उपासक जनता की समस्याओं को हल करेंगे.
प्रधानमंत्री के इस संसदीय कार्यालय में कुल पांच कमरे हैं. बाहरी दरवाजे से सबसे पहले कार्यालय होगा, जहां जनता की समस्याएं सुनी जाएंगी. कार्यालय के ठीक बगल में दो बड़े हॉल हैं जिसमें बैठकर जनता की समस्याओं पर मंथन होगा. इसके साथ ही अंदर एक स्टाफ रूम और एक गेस्ट रूम के साथ किचेन भी है. पूरी तरह से हाईटेक इस कार्यालय में जनता की सुनवाई के लिए कंप्यूटर, इंटरनेट और टेलिफोन सेवा की भी व्यवस्था की गई है. यहां भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यालय प्रभारी जनता की समस्याओं को सुनने और उसका समाधान करने का काम करेंगे.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को लगभग साढ़े ग्यारह बजे इस कार्यालय का उद्घाटन करेंगे. लिहाजा एक दिन दिन पहले ही तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. अमित शाह के स्वागत में सैकड़ों की संख्या में गेट बनाये गए हैं. कार्यालय के समीप बारह बाई पंद्रह का मंच बनाया गया है, जिससे अमित शाह कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करेंगे. कार्यालय के भीतर लगे पोस्टर में नरेंद्र मोदी द्वारा चुनाव से पहले किये गये प्रचार से लेकर आज तक की तस्वीरों को एक ही पोस्टर में लगाया गया है. इसके अलावा पूरे शहर को पोस्टर और बैनर से पाट दिया गया है.