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अखिलेश यादव ने मायावती के इस फैसले का किया स्वागत, बोले- हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती द्वारा गेस्ट हाउस कांड में मुलायम सिंह यादव पर दर्ज किए गए केस को वापस लेने पर धन्यवाद देते हुए कहा कि यह फैसला स्वागत योग्य है.

अखिलेश और मायावती (फाइल फोटो) अखिलेश और मायावती (फाइल फोटो)

  • मायावती ने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ केस वापस लिया
  • गेस्ट हाउस कांड से अन्य आरोपियों के खिलाफ केस जारी
  • लोकसभा चुनाव के बाद सपा-बसपा के बीच गठबंधन टूटा था

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती द्वारा गेस्ट हाउस कांड में मुलायम सिंह यादव पर दर्ज किए गए केस को वापस लेने पर धन्यवाद देते हुए कहा कि यह फैसला स्वागत योग्य है.

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मायावती के फैसले पर कहा कि हमारे बीच में कोई दुश्मनी नहीं है और उनका यह फैसला स्वागत करने योग्य है. मायावती का यह फैसला सभी के लिए चौंकाने वाला था क्योंकि लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के खराब प्रदर्शन के बाद मायावती ने गठबंधन तोड़ दिया था और हाल में हुए विधानसभा उपचुनाव में सपा और बसपा ने अलग-अलग चुनाव लड़े. सपा को तीन सीटें मिलीं, लेकिन बसपा खाता भी नहीं खोल सकी.

हालांकि मायावती एक ट्वीट कर साफ किया कि गेस्ट हाउस केस को लेकर मुलायम सिंह यादव के खिलाफ केस 26 फरवरी को ही वापस ले लिया गया था.

बदले सियासी तेवर

अब मायावती के बदले तेवर के बाद सियासी गलियारों में फिर से कयास लगाए जाने लगे हैं. अब इसके सियासी मायने तलाशे जाने लगे हैं.

दरअसल, सपा बसपा गठबंधन के साथ लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान साझा रैलियों में अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती से गुजारिश की थी कि मुलायम सिंह यादव के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा वापस ले लें. यह उसी का असर है कि अब जाकर मायावती ने मुलायम के खिलाफ मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है.

हालांकि मायावती ने इस मामले में मुलायम सिंह यादव के अलावा उनके भाई शिवपाल यादव, आजम खान और बेनी प्रसाद वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा वापस नहीं लिया है.

नोटबंदी पर सरकार को घेरा

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती के इस फैसले पर धन्यवाद कहा.

अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस नोटबंदी के तीन साल पूरे होने के विरोध में की थी. अखिलेश यादव ने नोटबंदी की असफलता पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस बारे में वादा किया था कि एक बार नोटबंदी के जरिए सारा काला धन वापस आ जाने के बाद आतंकवाद और भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस मामले में लोगों को गुमराह करती रही और असली मुद्दों से ध्यान हटाने का काम कर रही है. इस मौके पर अखिलेश यादव ने नोटबंदी के दौरान पैदा हुए बच्चे खजांची का केक काटकर जन्मदिन मनाया और उसे उपहार भी भेंट किया.

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