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यूपी में सपा का चुनावी फंडा, फ्री में मोबाइल देने की तैयारी

यूपी में चुनावी सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ऐसे संकेत दिए हैं कि समाजवादी पार्टी अपने चुनावी घोषणापत्र में मुफ्त मोबाइल फोन बांटने का ऐलान कर सकती है.

अखिलेश यादव अखिलेश यादव

मुफ्त की चीज भला किसी अच्छी नहीं लगती? नेता भी इस बात को अच्छी तरह समझते हैं और यही वजह है कि चुनाव के समय तमाम पार्टियां मुफ्त की चीजें बांटने का ऐलान करती हैं. यूपी में चुनावी सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ऐसे संकेत दिए हैं कि समाजवादी पार्टी अपने चुनावी घोषणापत्र में मुफ्त मोबाइल फोन बांटने का ऐलान कर सकती है. बुधवार को एक मोबाइल कंपनी के फोर 4G सर्विस लॉन्च करने के मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि मोबाइल लोगों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है और इसे देखते हुए समाजवादी पार्टी इस बात पर विचार कर रही है कि अपने घोषणापत्र में मुफ्त मोबाइल फोन देने की योजना को शामिल करे.

सपा ने मुफ्त लैपटॉप और टैबलेट का किया था वादा
दरअसल 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को को मुफ्त लैपटॉप और टैबलेट देने का वायदा किया था. माना जाता है कि समाजवादी पार्टी की जीत में इस घोषणा का बड़ा योगदान रहा. चुनाव के समय खासकर युवा वर्ग में लैपटॉप और टैबलेट पाने को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखा था.

छात्रों को लैपटॉप बांट चुकी है अखिलेश सरकार
सत्ता में आने के बाद अखिलेश यादव की सरकार ने 2012-13 में बजट में लैपटॉप के लिए 2800 करोड़ का प्रावधान किया था. राज्य सरकार ने कंप्यूटर की एक नामी कंपनी के साथ 15 लाख लैपटॉप खरीदने का करार किया था. लेकिन उसके बाद दो सालों तक लैपटॉप खरीदने की योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई और सरकार ने इसके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया. पिछले साल राज्य सरकार ने फिर से इसके लिए 100 करोड़ का बजट रखा और यह घोषणा की गई की 10वीं और 12वीं पास करने वाले मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप मिलेगा.

विपक्ष ने बताया चुनावी झुनझुना
मुफ्त टैबलेट बांटने की समाजवादी पार्टी सरकार की योजना धरी की धरी रह गई, क्योंकि राज्य सरकार जितना सस्ता टैबलेट चाहती थी उतना सस्ता टैबलेट बनाकर देने के लिए कोई कंपनी तैयार नहीं हुई. समाजवादी पार्टी के नेता मानते हैं कि अगर मुफ्त मोबाइल फोन देने की योजना बनी तो इसका बड़ा असर होगा. खास करके इसलिए भी कि हाल में ही तमाम कंपनियों ने सस्ते डाटा के प्लान लॉन्च किए हैं. लेकिन विपक्षी पार्टियां मान रही हैं इन चुनावी झुनझुनों से अब जनता बहकावे में आने वाले नहीं है. बीजेपी के प्रवक्ता चंद्रकांत कहते हैं कि अब जनता समाजवादी पार्टी सरकार की असलियत समझ चुकी है और अब उनसे बुलंदशहर रेप कांड और जवाहर बाग जैसी घटनाओं और गुंडागर्दी का जवाब पूछेगी.

कांग्रेस पार्टी भी कह रही है कि मोबाइल फोन बांटने की घोषणा से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. कांग्रेस के प्रवक्ता अमरनाथ तिवारी का कहना है कि पिछले 5 सालों में जिस तरह से लैपटॉप समेत तमाम सरकारी योजनाओं का फायदा सिर्फ चुने हुए अपने लोगों को दिया गया उसे लोग देख चुके हैं. लेकिन समाजवादी पार्टी अगर सचमुच अपने घोषणा पत्र में मुफ्त मोबाइल फोन देने की बात कहती है तो चुनाव में यह चर्चा का विषय जरूर बनेगा.

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