उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज राज्य विधानसभा में पेश बजट को राज्य को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने वाला बताते कहा कि इससे उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने का लक्ष्य हासिल होगा.
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बजट पेश करने के बाद बताया कि इस बजट से उत्तर प्रदेश आगे बढ़ेगा. इससे यूपी को उत्तम प्रदेश बनाने का लक्ष्य पूरा होगा. इस बजट में हमने किसान, नौजवान, मुसलमान, महिलाओं और गरीब लोगों समेत हर वर्ग को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने की कोशिश की है.’
उन्होंने कहा ‘यह पहला बजट है जिसमें पूंजीगत व्यय 21 . 5 प्रतिशत जबकि राजस्व व्यय 9 . 8 फीसद रखा गया है. इससे आर्थिक विकास में तेजी से बढ़ोत्तरी होगी. हमने आयोजनागत पूंजी की योजनाओं को जबर्दस्त प्राथमिकता दी है. इसकी वजह से पूंजी सृजन होगा तथा पूंजी निवेश आकषिर्त होगा.’
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बजट भाषण के दौरान विपक्ष ने हो-हल्ला मचा दिया. अखिलेश जैसे ही बोलेने के लिए खड़े हुए, बीएसपी विधायक शोर मचाने लगे. बीएसपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने आरोप लगाया कि सरकार पिछले बजट का 25 फीसदी पैसा अब तक खर्च नहीं कर पाई है.
राज्य सरकार द्वारा पेश पिछले बजट की अधिकतर धनराशि खर्च नहीं होने के सवाल पर अखिलेश ने कहा ‘बजट खर्च भी हुआ है और काम भी हुआ है. पिछला बजट जुलाई में पारित हुआ था. तभी बरसात शुरू हो गयी और बारिश में सड़कें वगैरह नहीं बन सकीं. हमें सात महीने ही काम करने का मौका मिला. बहरहाल, जितना काम हुआ बहुत अच्छे ढंग से हुआ.’ उन्होंने आरोप लगाया कि से अनेक योजनाओं पर ठीक ढंग से अमल नहीं हो पा रहा है.
उन्होंने कुछ विभागों के आंकड़े देते हुए बताया कि सिंचाई विभाग का कुल बजट 3400 करोड़ रुपए का था जिसमें से 1700 करोड़ रुपए केन्द्र से प्राप्त होना था लेकिन केवल 45 करोड़ ही मिला. विभागीय बजट में से 1173 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. इस मौके पर प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने बताया कि राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष 2012-13 में केन्द्र से 40 हजार करोड़ रुपए प्राप्त होने थे, लेकिन 18700 करोड़ रुपए ही मिले. अनेक बार हमारे अधिकारियों ने दिल्ली जाकर सम्बन्धित मंत्रालयों के अफसरों से इस सिलसिले में मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने पत्र लिखे लेकिन किन्हीं कारणों से हमें धनराशि नहीं मिली. हम अभी कोशिश कर रहे हैं कि बाकी करीब 21 हजार करोड़ रुपए हमें मिल जाएं.
अखिलेश ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 4500 करोड़ रुपए का लक्ष्य था, लेकिन केन्द्र से सिर्फ 1170 करोड़ रुपए ही मिले. इसी तरह बुंदेलखण्ड पैकेज के तहत 1405 करोड़ रुपए मिलने था, जिसमें से 1308 करोड़ रुपए मिलना अब भी बाकी है. जब समय पर धन नहीं आयेगा तो काम में वक्त लगेगा ही.
उन्होंने एक सवाल पर कहा कि प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद तक मेट्रो पहुंच गयी है. नये समय के मुताबिक लखनऊ में मेट्रो की जरूरत है. राजधानी में जनसंख्या बहुत बढ़ गयी है और यातायात की समस्या भी बढ़ती जा रही है. बहुत जल्द लखनउ में मेट्रो पर काम शुरू होगा.
अखिलेश ने कहा कि सपा के चुनाव घोषणापत्र के मुताबिक बांटी जाने वाली साड़ियों में से 50 प्रतिशत बुनकरों से ही खरीदी जाएंगी.उन्होंने एक अन्य सवाल पर कहा कि जहां तक छात्रों को लैपटाप और टैबलेट की बात है तो पिछली बार बजट में उसके लिये प्रावधान किया गया था. जब वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा होगा तो लैपटाप बांटने का काम शुरू हो जाएगा. इस बजट में भी इस मद के लिये प्रावधान किया गया है.
राजधानी स्थित बसपा कार्यालय के पास एक सेतु बनाये जाने के प्रस्ताव सम्बन्धी सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा ‘पुल बड़ी संख्या में बन रहे हैं. रास्ते में कोई आयेगा तो पुल का रास्ता तो नहीं बदला जाएगा.’
अखिलेश ने बिजली के क्षेत्र में बहुत काम करने की जरूरत बताते हुए बिजली संकट के लिये . मुख्यमंत्री ने विधानसभा को बताया कि उर्जा क्षेत्र की योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए 11732 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले बजट से 24 प्रतिशत अधिक है. उन्होंने प्रदेश में गन्ने के समर्थन मूल्य में की गयी बढोत्तरी का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसानों को लगभग 21000 करोड़ रुपये की आय होगी, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 3000 करोड रुपये ज्यादा है.
उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने सहकारी रिण समितियों के माध्यम से किसानों को तीन लाख रुपये तक का कृषि ऋण 3 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध करने की व्यवस्था की है, जबकि किसान दुर्घटना बीमा के लिए 375 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान आगामी बजट में किया गया है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि दस हजार से अधिक आबादी वाले सभी गांवों को नगरीय क्षेत्र की तरह नल से जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था का निर्णय लिया गया है, जबकि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के लिए बजट में 400 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है.
पूर्वाचल के जिलों में फैलने वाली मस्तिष्क ज्वर की महामारी की रोकथाम के लिए गोरखपुर मेडिकल कालेज में 500 शैय्या वाले बाल रोग चिकित्सा संस्थान की स्थापना के लिए पांच करोड़ रुपये रखे गये हैं ,जबकि गरीबों को असाध्य रोगो की चिकित्सा में सहायता के लिए 25 करोड रुपये का प्रावधान किया गया है.
उन्होंने बताया कि प्रदेश के बच्चों में कुपोषण की समस्या के प्रभावी निदान के लिए ‘स्टेट न्यूट्रीशन मिशन’ का गठन करने का निर्णय लिया गया है, जबकि 11 से 18 वर्ष की बालिकाओं के पोषण, घरेलू जीवन कौशल एवं व्यवसायिक कौशल विकास की सुविधा देने के लिए बजट में 320 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है.