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RSS ने आगरा में धर्म परिवर्तन की बात मानी, कहा- इसे घर वापसी कहिए

उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है. आगरा में 60 परिवारों के धर्मान्तरण के बाद कुछ हिंदूवादी संगठन राज्य में कुल 5000 मुस्लिम परिवारों के धर्म परिवर्तन की तैयारी कर रहे हैं. विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में होने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन 25 दिसंबर को किया जाएगा जिसे 'घर वापसी' का नाम दिया गया है.

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सोमवार को आगरा में हुए 60 परिवारों के धर्म परिवर्तन की बात मानी है. संघ प्रवक्ता ने मनमोहन वैद्य ने आज तक से कहा, 'इसे धर्मांतरण नहीं घर वापसी कहिए. संघ कार्यकर्ता ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करते रहते हैं. वे सबको सम्मानित करते रहते हैं.' संघ का यह बयान मामले पर सियासी बवाल बढ़ने के बाद आया है.

इस बीच खबर आई है कि आगरा के बाद कुछ हिंदूवादी संगठन उत्तर प्रदेश राज्य में कुल 5000 मुस्लिम परिवारों के धर्म परिवर्तन की तैयारी कर रहे हैं. विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में होने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन 25 दिसंबर को किया जाएगा जिसे 'घर वापसी' का नाम दिया गया है.

गरीबी का फायदा उठा रही है बीजेपीः मायावती
इस मसले की गूंज बुधवार को संसद में भी सुनाई दी. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि कुछ हिंदूवादी संगठन ने लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाया है. अगर इसे रोका नहीं गया तो देश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ेगा. मायावती ने इसके लिए बीजेपी और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया. इस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा कि बीएसपी सुप्रीमो मामले में किसी दल या खास संगठन का नाम न लें. यह कानूनी मामला और राज्‍य सरकार के अधीन है.

मामले की जांच कराएगी सपा सरकार
इस बीच सत्तारुढ़ी पार्टी सपा ने मामले की जांच कराने की बात कही है. सपा नेता राजेन्‍द्र चौधरी ने कहा कि राज्‍य में जबरन धर्मांतरण को बर्दाश्‍त नहीं किया जा सकता है. मामले की जांच होगी.

आगरा धर्मांतरण मामले में FIR दर्ज
दूसरी तरफ, सोमवार को धर्म परिवर्तन में शामिल कई परिवारों की शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है. मंगलवार देर रात पुलिस और प्रशासन के अधिकारी देवरी रोड इलाके में पहुंचे जहां धर्म परिवर्तन हुआ था. अधिकारियों ने यहां रहने वाले कई परिवारों के बयान नोट किये और शिकायत के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

गौरतलब है कि सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन धर्म जागरण समन्वय विभाग और बजरंग दल ने साथ मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया था. इसके तहत करीब 60 मुस्लिम परिवारों को वापस हिंदू धर्म में शामिल किया गया और कार्यक्रम को नाम दिया गया 'पुरखों की घर वापसी'. सोमवार को हिंदू धर्म में शामिल होने वाले ये शख्स पलट गए. उन्होंने आरोप लगाया कि यह ठगी का मामला है. उनकी शिकायत पर थाना सदर बाजार में मामला दर्ज किया गया है. मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस हरकत में आ गई. शुरुआती जांच में यही बात सामने आई है कि यह लोभ देकर धर्मपरिवर्तन किए जाने का मामला है. लोगों को बीपीएल कार्ड और अलग-अलग किस्म के पहचान पत्र बनवाने का लालच दिया गया था. पर धर्मपरिवर्तन के बाद वे लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है, ताकि आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके.

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