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बंदर की समस्या से निबटने के लिए आगरा प्राधिकरण ने दिल्ली के एक एनजीओ से करार किया

वन्य जीव संरक्षण से जुड़े दिल्ली के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थान आगरा में बंदरों के उत्पात से वैज्ञानिक तरीके से निबटने के लिये आगरा विकास प्राधिकरण के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किया है.

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वन्य जीव संरक्षण से जुड़े दिल्ली के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थान आगरा में बंदरों के उत्पात से वैज्ञानिक तरीके से निबटने के लिये आगरा विकास प्राधिकरण के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किया है.

वाइल्डलाइफ एसओएस ने बताया कि उसने बुधवार को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए. शहर में बंदरों के उत्पात से निबटने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है.

योजना के पहले चरण में इलाके में बंदरों का सर्वेक्षण किया जाएगा और फिर कम से कम 70 फीसदी को रेबीज के विरूद्ध टीके लगाए जाएंगे.

एनजीओ ने एक बयान में कहा कि बंदरों के बीच उग्रता कम करने के लिए उसके बाद बंध्याकरण अभियान चलाया जाएगा जो शहर में उनकी बढ़ती संख्या के लिए दीर्घकालिक हल होगा.

वाइल्डलाइफ एसओएस ने कहा कि पर्यटकों और निवासियों को बंदरों द्वारा काट लेने, उन पर हमला करने की घटनाएं बढ़ रही है. बंदरों के काटने से महज पर्यटक और आम लोग प्रभावित ही नहीं होते बल्कि इससे रेबीज जैसी बीमारियों के बंदरों से मानव में आने का खतरा भी रहता है.

- इनपुट IANS

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