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यूपी: NHRC की रिपोर्ट ने फूंकी बीजेपी में जान, फिर गर्माया कैराना मुद्दा

उत्तर प्रदेश में चुनाव की सरगर्मी के बीच कैराना को लेकर आई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट ने इस पूरे मुद्दे को नए सिरे से गर्म कर दिया है. मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कैराना से हिंदू परिवारों का पलायन हुआ क्योंकि वहां कानून-व्यवस्था दुरुस्त नहीं थी.

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कैराना को लेकर फिर शुरू हुई सियासत कैराना को लेकर फिर शुरू हुई सियासत

उत्तर प्रदेश में चुनाव की सरगर्मी के बीच कैराना को लेकर आई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट ने इस पूरे मुद्दे को नए सिरे से गर्म कर दिया है. मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कैराना से हिंदू परिवारों का पलायन हुआ क्योंकि वहां कानून-व्यवस्था दुरुस्त नहीं थी. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि‍ कैराना में कुछ मुस्लिम युवक हिंदुओं की बहू-बेटियों के साथ छेड़छाड़ करते थे और वहां गुंडागर्दी का आतंक था.

रिपोर्ट ने फूंकी बीजेपी में जान
कैराना पर आई रिपोर्ट से बीजेपी में नई जान आ गई है क्योंकि रिपोर्ट में लगभग उन्हीं बातों की पुष्टि हो रही है जैसे आरोप बीजेपी लगा रही थी. ये बात तय है कि भारतीय जनता पार्टी अब इस मामले पर जमकर सियासत करेगी और चुनाव में इस मुद्दे को खूब भुनाएगी.

श‍िवपाल बोले- दोषि‍यों को बख्शा नहीं जाएगा
कानून व्यवस्था को लेकर पहले से ही हमले झेल ही समाजवादी पार्टी सरकार के लिए कैराना पर मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट एक नई मुसीबत है. इस मामले में पूछे जाने पर शिवपाल यादव ने इटावा में कहा कि‍ पुलिस की लापरवाही सामने आई है और इस मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. लेकिन लगता नहीं है कि बीजेपी इस मामले को इतनी आसानी से दबने देगी.

आईजी से मिले बीजेपी सांसद
एनएचआरसी की रिपोर्ट आने के बाद कैराना के सांसद हुकुम सिंह, मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल, बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह, सहारनपुर के सांसद राघव लखनपाल, नगीना के सांसद यशवंत सिंह और मेरठ के विधायक मेरठ जोन के आईजी अजय आनंद से मिले और कानून व्यवस्था का सवाल उठाया.

अजीत सिंह ने रिपोर्ट को खारिज किया, कांग्रेस ने काटी कन्नी
कांग्रेस ने इस मामले में कन्नी काटने में ही भलाई समझी. उत्तर प्रदेश के प्रभारी गुलाम नबी आजाद से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने यह कहकर जान छुड़ाना चाही कि इस रिपोर्ट को अभी उन्होंने नहीं देखा है. राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह जी गुरुवार को लखनऊ में थे. उन्होंने मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा की आयोग की रिपोर्ट का कोई मतलब नहीं है. अजीत सिंह ने कहा कि कैराना से करीब साढ़े तीन सौ परिवारों के पलायन की बात कही जा रही थी लेकिन एनएचआरसी ने सिर्फ 6 परिवारों से बात करके रिपोर्ट तैयार कर दी है.

हुकुम सिंह का दबदबा बढ़ेगा
माना जा रहा है कि एनएचआरसी की रिपोर्ट के बाद बीजेपी के नेता हुकुम सिंह की स्थिति मजबूत होगी क्योंकि उन्होंने ही सबसे पहले कैराना के मामले को उठाकर बड़ी संख्या में पलायन के मुद्दे को उठाया था. मुजफ्फरनगर के दंगों के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक विभाजन पहले से ही हो रखा है. कैराना का मुद्दा गर्म होने के बाद इस पर और जमकर सियासत होगी.

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