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तेलंगाना फोन टैपिंग केस: SIT ने केटी रामा राव को भेजा नोटिस, 23 जनवरी को पेश होने के निर्देश

इससे पहले, बीआरएस के वरिष्ठ नेता और विधायक टी. हरीश राव से 20 जनवरी को इसी मामले में पूछताछ की जा चुकी है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व तेलंगाना इंटेलिजेंस प्रमुख टी. प्रभाकर राव को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. SIT पहले ही उनसे पूछताछ कर चुकी है.

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बीआरएस नेता केटी रामा राव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं (File Photo- ITG)
बीआरएस नेता केटी रामा राव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं (File Photo- ITG)

तेलंगाना में पूर्व बीआरएस सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव (केटीआर) को नोटिस जारी किया है. सूत्रों के मुताबिक, SIT ने केटीआर को 23 जनवरी को हैदराबाद में पेश होकर पूछताछ में शामिल होने को कहा है.

इससे पहले, बीआरएस के वरिष्ठ नेता और विधायक टी. हरीश राव से 20 जनवरी को इसी मामले में पूछताछ की जा चुकी है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि हरीश राव से की गई पूछताछ पूरी तरह से फोन टैपिंग मामले से जुड़ी थी, जिसमें बड़े पैमाने पर कथित अवैध और अनधिकृत निगरानी के आरोपों की जांच की जा रही है.

इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व तेलंगाना इंटेलिजेंस प्रमुख टी. प्रभाकर राव को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. SIT पहले ही उनसे पूछताछ कर चुकी है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि पूर्व बीआरएस शासन के दौरान राजनीतिक नेताओं, कारोबारियों और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के फोन कॉल्स की अवैध निगरानी, रिकॉर्डिंग और इंटरसेप्शन किया गया.

पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में हैदराबाद पुलिस ने चार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. इनमें तेलंगाना स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) का एक निलंबित डीएसपी भी शामिल है. आरोप है कि इन अधिकारियों ने विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से खुफिया सूचनाओं को मिटाने के साथ-साथ कथित तौर पर फोन टैपिंग में भूमिका निभाई. हालांकि, बाद में सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है.

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हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने पहले कहा था कि यह जांच बेहद गंभीर है और इसमें बड़े पैमाने पर अवैध निगरानी के आरोप शामिल हैं. उन्होंने बताया कि जांच का दायरा व्यापक है और यह पता लगाया जा रहा है कि किन लोगों के फोन टैप किए गए और इसके पीछे किस स्तर पर आदेश दिए गए.

पुलिस ने यह भी बताया कि इस मामले में विस्तृत जांच जारी है और कुछ आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. SIT अब इस पूरे नेटवर्क, आदेश देने वाली कड़ी और कथित राजनीतिक संरक्षण की भी पड़ताल कर रही है.

केटीआर को जारी नोटिस को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. विपक्षी दल जहां इसे जांच की स्वाभाविक प्रक्रिया बता रहे हैं, वहीं बीआरएस की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है.

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