तेलंगाना के करीमनगर नगर निगम में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षद कोलगानी श्रीनिवास को मेयर और वाई सुनील राव को डिप्टी मेयर चुना गया. वर्ष 2014 में तेलंगाना के गठन के बाद यह पहली बार है, जब भाजपा राज्य में किसी नगर निगम का नेतृत्व करेगी. तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने कहा कि पार्टी ने कांग्रेस और बीआरएस द्वारा जनादेश को प्रभावित करने के सभी प्रयासों को नाकाम करते हुए करीमनगर नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर पदों पर सफलतापूर्वक जीत दर्ज की है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर कहा कि नगर निगम की कमान बीजेपी के हाथों में आने से शहर को ‘विकसित तेलंगाना–विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा. करीमनगर नगर निगम के कुल 66 वार्डों में हुए चुनाव में बीजेपी 30 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. कांग्रेस को 14, बीआरएस को 9, एआईएमआईएम और एआईएफबी (ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक) को 3-3 सीटें मिलीं, जबकि 7 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की.
करीमनगर में भाजपा की सफलता का श्रेय व्यापक रूप से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और इस निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा सांसद बंदी संजय कुमार को जाता है. उनके आक्रामक, ऊर्जावान प्रचार अभियान और निरंतर संगठनात्मक प्रयासों ने स्थानीय समीकरणों को दरकिनार करते हुए करीमनगर को भाजपा का गढ़ बना दिया. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और करीमनगर लोकसभा सीट से सांसद बंडी संजय कुमार ने भी इस जीत को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने ‘X’ पर लिखा कि करीमनगर में इतिहास रचा गया है, जहां पहली बार बीजेपी का मेयर शपथ ले रहा है.
History created in Karimnagar 🪷
For the first time, a BJP Mayor took oath in the city.
Congratulations to Shri Kolagani Srinivas garu on becoming the first BJP Mayor of Karimnagar and Shri Y. Sunil Rao garu as Deputy Mayor.
Today is not just a political victory. It is an… pic.twitter.com/G4iSWFFf2u— Bandi Sanjay Kumar (@bandisanjay_bjp) February 16, 2026
उन्होंने कोलगानी श्रीनिवास को मेयर और वाई सुनील राव को डिप्टी मेयर बनने पर बधाई दी. बंडी संजय कुमार ने कहा कि भाजपा के लिए तेलंगाना में यह सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि भावनात्मक क्षण है. बंडी संजय कुमार ने इसे वर्षों से देखे गए सपने के साकार होने जैसा बताया और कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विजन पर जनता के भरोसे का प्रमाण है. बंडी संजय कुमार ने इस सफलता का श्रेय पार्टी के कार्यकर्ताओं को देते हुए कहा कि तमाम दबाव और साजिशों के बावजूद बीजेपी मैदान में दृढ़ता के साथ डटी रही और अंततः विजयी हुई.
हालांकि, निजामाबाद में पार्टी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, जहां सांसद अरविंद धर्मपुरी और विधायकों की मजबूत पकड़ को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही थी कि भगवा पार्टी नगर निगम चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेगी. भाजपा निजामाबाद नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से दूर रही. कुल 60 डिवीजनों में से बीजेपी ने सबसे अधिक 28 डिवीजनों में जीत हासिल की. सत्ताधारी कांग्रेस, मुख्य विपक्षी दल बीआरएस और एआईएमआईएम ने क्रमशः 17, 14 और 1 डिवीजनों में जीत हासिल की. इस तरह कांग्रेस को ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), भारत राष्ट्र समिति (BRS) के पार्षदों के साथ पोस्ट पोल अलायंस करने का मौका मिल गया.