scorecardresearch
 

आतंकी जाकिर मूसा का ऑडियो, 'अफजल गुरु के सपने को पूरा करेंगे'

कश्मीर में अल-कायदा का प्रतिनिधित्व करने वाले जाकिर राशिद भट उर्फ जाकिर मुसा और अंसार गजवत-उल-हिंद के प्रमुख ने कहा है कि उनका संगठन अफजल गुरु के सिद्धांतों को मानता है और आजादी के आंदोलन में पाकिस्तान के प्रभाव को कम करने के उनके सपने को पूरा करेगा.

सोशल मीडिया पर जाकिर मूसा की फाइल फोटो सोशल मीडिया पर जाकिर मूसा की फाइल फोटो

कश्मीर में अल-कायदा का प्रतिनिधित्व करने वाले जाकिर राशिद भट उर्फ जाकिर मुसा और अंसार गजवत-उल-हिंद के प्रमुख ने कहा है कि उनका संगठन अफजल गुरु के सिद्धांतों को मानता है और आजादी के आंदोलन में पाकिस्तान के प्रभाव को कम करने के उनके सपने को पूरा करेगा.

ग्लोबल कश्मीर डॉट नेट के मुताबिक रविवार को यह ऑडियो जारी हुआ, हालांकि वेबसाइट ने इस ऑडियो की वैधता पर अपनी पुष्टि नहीं दी है.

ऑडियो में भेजे गए संदेश में मूसा ने अफजल गुरु की किताब 'आइना' से उद्धरण लेते हुए कहा, 'शहीद अफजल गुरु ने हमेशा इस बात को रेखांकित किया है कि पाकिस्तान हमेशा कश्मीर में जिहाद को लेकर अपना समर्थन देता रहा है. हमें एक राष्ट्र की जगह धर्म आधारित राष्ट्र के रूप में उम्मीद क्यों नहीं करनी चाहिए.'

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तानी आतंकियों को एक राष्ट्र की जगह इस्लामिक कारणों के साथ एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए.

जाकिर ने कहा कि जब भारत के साथ पाकिस्तान के अच्छे रिश्ते होते हैं तो आपको (आतंकियों) ये लोग पकड़ने लगते हैं और जब भारत के साथ रिश्ते बिगड़ जाते हैं तो आपको सीमा पार करने और भारत के खिलाफ लड़ने को कहा जाता है.

जाकिर ने ढेरों खूंखार पाकिस्तानी आतंकियों का नाम लेते हुए कहा कि इन लोगों ने 'सुरत-उल-अनफल' और 'सुरत-तवबाह' पढ़ने के बाद यहां आए और उन्होंने संघर्ष किया. जाकिर ने कश्मीरी युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वे अपना नजरिया बदले और सोच को इस्लामिक स्तर पर ले जाएं, और भविष्य में ग्वाजा-ए-हिंद की तैयारी करनी चाहिए.

जाकिर बुरहान वानी के इलाके ट्राल क्षेत्र का रहने वाला है, जिसने 2016 में 8 जुलाई को वानी की मौत के बाद ग्रुप का नेतृत्व संभाला था. वह आतंकी संगठन में शामिल होने से पहले चंडीगढ़ कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था. और कहा जाता है कि वह बहुत मौज-मस्ती करने वाला युवा था.

हालांकि इस ऑडियो को सुनकर लगता है कि मुसा ने पहले से लिखे किसी ड्रॉफ्ट को पढ़ा, मुसा 2013 में हिज्बुल मुजाहिद्दीन में शामिल हुआ था. उसके पिता सिंचाई विभाग में कार्यरत हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें