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लोकसभा में चिट फंड बिल पास, जानें चर्चा के वक्त क्या थी सांसदों की राय

बुधवार को लोकसभा में चिट फंड अमेंडमेंट बिल 2019 पर लंबी चर्चा हुई और अंत में ध्वनिमत से यह बिल पास हो गया. लोकसभा में दोपहर करीब 3 बजे चिट फंड बिल पर दोबारा चर्चा शुरू हुई. सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों ने इस चर्चा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और अपने सुझाव भी दिए.

वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (फोटो साभार: लोकसभा टीवी) वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (फोटो साभार: लोकसभा टीवी)

  • लोकसभा में पास हुआ चिट फंड अमेंडमेंट बिल 2019
  • वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने दिया सबको धन्यवाद

बुधवार को लोकसभा में चिट फंड अमेंडमेंट बिल 2019 पर लंबी चर्चा हुई और अंत में ध्वनिमत से यह बिल पास हो गया. आपको बता दें कि विषय की महत्ता को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की समयावधि आधे घंटे (शाम 6.30 तक)  के लिए बढ़ाई थी, ताकि बिल के लिए सुझाए गए संशोधनों पर चर्चा हो और उसे पारित किया जा सके. लोकसभा में दोपहर करीब 3 बजे चिट फंड बिल पर दोबारा चर्चा शुरू हुई. सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों ने इस चर्चा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और अपने सुझाव भी दिए.

चिट फंड बिल पर कांग्रेस सांसद बोले- सेंट्रेलाइज करने की जरूरत नहीं

पंजाब के खडूर साहिब से कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह ने चिट फंड पर चर्चा करते हुए लोकसभा में कहा कि इस बिल में यह कहीं भी मेंशन नहीं है कि एक फोरमेन कितने ग्रुप चला सकता है. मुझे लगता है इसे मॉनिटर करना चाहिए ताकि बड़े घपले ना हो सके और लोगों को बचाया जा सके. बिल में कहीं भी कोई रेग्युलेटर नहीं है. लोकल लेवल पर रेग्युलेटर लगाना चाहिए क्योंकि यह 50-100 रुपये से शुरू होकर बड़े स्तर तक जाता है.

अमृतसर सोने के व्यापार में बड़ी मंदी है. स्वर्णकार बिरादरी अपना चिट फंड चलाती है. वो पैसे से चिट फंड नहीं चलाते, वे सोना या चांदी का कंट्रीब्यूशन करते हैं और ड्रॉ भी वैसे ही करते हैं. सरकार प्लास्टिक मनी की बात करती है लेकिन बिल में इसका कहीं जिक्र नहीं है कि यह पैसा कैसे देना है, अगर कैश ही बना रहेगा तो ब्लैकमनी पर लगाम कैसे लगेगी. इसलिए चेक का प्रावधान किया जाए. भारत बहुत बड़ा देश है. 10 कोस पर हमारी भाषा बदल जाती है. इसको सेंट्रेलाइज करने की जरूरत नहीं है. आप इसे लीगलाइज करें और स्टेट को इसे रेग्यूलराइज करने की पावर दें.

हनुमान बेनीवाल बोले- इस बिल से घोटालों पर लगाम लगेगी

चिट फंड (संशोधन) विधेयक, 2019 पर चर्चा के दौरान नागौर से आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि हर व्यक्ति चाहता है कि मेरा पैसा सुरक्षित हो. लेकिन लोग लालच देकर उनका पैसा चिट फंड के नाम पर उड़ा कर ले जाते हैं. बिल में पारदर्शिता का आश्वासन दिया गया है. पश्चिम बंगाल में बहुचर्चित शारदा चिट फंड घोटाला हुआ जिसमें सरकार कटघरे में आई. नवजीवन कॉपरेटिव सोसायटी, आदर्श कॉपरेटिव सोसायटी जैसे कई नाम हैं जिस वजह से सरकार यह बिल लाई. इस बिल के साथ घोटालों पर लगाम लगेगी.

चिट फंड बिल पर बोले भगवंत मान- सजा की व्यवस्था हो

पंजाब के संगरूर से आप सांसद भगवंत मान ने कहा कि चिट फंड जब तक छोटे स्तर तक रहता है लोग एकदूसरे को जानते रहते हैं तब तक तो ठीक रहता है. लेकिन जब यह कंपनी स्तर पर जाता है और पैसे दोगुना-तीन गुना करने का वादा किया जाता है और एक चेन बन जाती है तो गड़बड़ होती है. एक गांव के 10 आदमियों ने सुसाइड कर लिया क्योंकि कंपनी भाग गई.

ऐसे मामलों में मिसाल वाली सजा दी जाए ताकि लोग आगे से पैसा लेकर नहीं भागें. गरीब आदमी की कौन सुनता है. यह बिल अच्छा है, मैं इसका विरोध नहीं कर रहा लेकिन इसमें कोई अकाउंटबिलिटी हो जिसके पास शिकायत की जाए. मिसाली सजा की व्यवस्था हो. इस बिल को थोड़ा और विस्तार कर इसमें अकाउंटबिलिटी की व्यवस्था करें मैं बिल का समर्थन करता हूं क्योंकि इसमें लोगों का पैसा लगा हुआ है.

जेडीयू सांसद ने किया चिट फंड बिल का समर्थन

बिहार के नालंदा से जेडीयू सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि हर जगह लोग चिट फंड से परेशान हैं. नाम चाहे कोई भी हो, इस तरह से काम करने वाले लोगों के खिलाफ ऐसा कानून आए कि कोई आगे ऐसा काम ना हो. मैं इस बिल का स्वागत करता हूं. किसी भी सूरत में किसी भी जनता का पैसा ना डूबे. जिनका पैसा डूब गया है उनका पैसा सरकार कंपनी की संपत्ति बेच कर वापस लाने का प्रयास करे.

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने किया चिट फंड बिल का समर्थन

पश्चिम बंगाल के दमदम से टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि बिल में सरकार ने स्टैंडिंग कमेटी की सारी बातों को शामिल किया गया है इसलिए ज्यादा आपत्ति नहीं है. हमें गलतियों को सुधारना है. सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं. अभी और कड़े कदम उठाने हैं ताकि किसी गरीब का पैसा ना डूबे. कड़ी से कड़ी सजा मिलने की व्यवस्था हो. मैं इस बिल को समर्थन देता हूं.

बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने की चिट फंड बिल की तारीफ

बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि चिट फंड से लाखों लोगों को ठगा गया. अनरेग्यूलेटेड होने की वजह से इसमें धोखाधड़ी बढ़ी. लोगों से झूठे वादे करके ठगा जाता है. देश की सबसे बड़ी समस्या फाइनेंशियल लिट्रेसी है, इसी कारण लोग पोंजी स्कीम का हिस्सा बनते हैं. लोगों को समझाने की आवश्यकता है कि आप लालच वाली स्कीम का हिस्सा ना बनें वह गलत स्कीम है. सरकार बहुत अच्छा बिल लेकर आई है. हम सरकार के साथ हैं.

बीजेपी सांसद बोले- चिट नाम से ही लोगों को चीटिंग की आशंका होती थी

मध्य प्रदेश के बालाघाट से बीजेपी सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने नाम बदलने की तारीफ की. उन्होंने कहा कि चिट नाम से ही लोगों को चीटिंग की आशंका होती थी. अब 'बंधुत्व' के साथ सबका पैसा जमा होगा. सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए. गांव-किसान के लोगों की बेहतरी के लिए अच्छा काम हुआ है. मैं इस बिल का समर्थन करता हूं. जितने भी संशोधन आए हैं सबका समर्थन करता हूं.

कांग्रेस सांसद बोले- अमेंडमेंट की जरूरत तो थी

कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने कहा कि अनऑर्ग्नाइज्ड चिट फंड को ठीक करने का कोई जिक्र नहीं है. गरीब लोगों को इंश्योरेंस का प्रबंध नहीं करते तब तक बहुत ज्यादा कंट्रोल नहीं होने वाला है. 1982 का कानून था अब अमेंडमेंट तो चाहिए ही आपने अच्छा किया कि इसे लेकर आए. ट्रांसपरेंसी और स्ट्रैंड्राइजेशन बहुत जरूरी है.

अधीर रंजन चौधरी बोले- चिट फंड के नाम पर गोरखधंधा हो रहा है

पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि चिट फंड के नाम पर गोरखधंधा हो रहा है. बंगाल में लाखों की तादाद में लोगों को लूटा गया, हजारों करोड़ रुपए लुट गए. चिट फंड और पोंजी स्कीम में अंतर है. लोग इसका फायदा उठाते हैं और गरीब को बर्बाद कर देते हैं. फोरमैन के लिए हम इंतजाम कर रहे हैं लेकिन सब्सक्राइबर के लिए कोई साधन नहीं देते.

अनुराग ठाकुर ने दिया सबको धन्यवाद

बिल पर चर्चा करते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि चिट फंड अमेंडमेंट बिल 2019 पर बहुत विस्तार में चर्चा हुई. मुझे प्रसन्नता है कि जब भी देश के गरीब की बात आती है, छोटे व्यापारी की बात आती है तो सब अपने दल की राजनीति से ऊपर उठकर कानून बनाने में सहयोग देते हैं और सुझाव देते हैं. मैं सबका धन्यवाद देता हूं. राजनीति से ऊपर उठकर हम गरीब के लिए इस बिल को पास करेंगे. मैं सबका धन्यवाद करता हूं जिन्होंने इसका समर्थन किया है.

शीत सत्र के पहले दिन वित्त राज्य मंत्री ने चर्चा के लिए सदन में रखा था बिल

सोमवार (18 नवंबर 2019) को अनुराग सिंह ठाकुर ने चिटफंड अमेंडमेंट बिल 2019 को सदन में पेश किया था. बिल पर बात करते हुए उन्होंने कहा था कि बहुत सारे ऐसे उदाहण आए जिस वजह से चिटफंड को बहुत ही निगेटिव तरीके से देखा गया. कुछ बदलाव इसमें किए गए हैं. जिसके बाद गरीबों को पैसा उठाने का नया जरिया मिलेगा. कुछ लोग इसे इल्लीगल तरीके से देखते हैं लेकिन यह पूरी तरह लीगल है. राज्य इसके चिट की लिमिट तय करें. आप इस पर चर्चा करें सुझाव भी दें. बहुत सारी चर्चा के बाद यह बिल वापस सदन में आया है. पिछली लोकसभा में लैप्स कर गया था. आज इस पर अच्छी चर्चा हो और बिल पास हो.

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