पाकिस्तान में आई भयंकर बाढ़ का आतंकवादियों द्वारा फायदा उठाने संबंधी वैश्विक चिंता के बीच मुल्क के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त किया है कि इस्लामाबाद ऐसा नहीं होने देगा.
पाकिस्तान में आई बाढ़ की स्थिति पर विचार-विमर्श के लिये बुलाई गई विशेष बैठक में हिस्सा लेने आए कुरैशी ने ‘अंतरराष्ट्रीय सहायता’ की निहायत जरूरत पर बल देते हुए कहा ‘हम उन्हें कुदरत के इस कहर का फायदा नहीं उठाने देंगे.’ कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि उनके देश ने आतंकवादियों के खिलाफ कामयाबी हासिल की है और उनका मुल्क इस आपदा को आतंकवादियों के लिये अवसर नहीं बनने देगा.
कुरैशी का बयान बहुत महत्वपूर्ण माना जा सकता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आशंका है कि पीड़ितों के लिए दिया जा रहा कोष कट्टरपंथियों के पास पहुंच सकता है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का गुरुवार को दौरा करने वाली विदेश मामलों की अमेरिकी सीनेट समिति के अध्यक्ष जॉन कैरी ने चेताया कि पाकिस्तान में आई भयंकर बाढ़ का फायदा आतंकवादी उठा सकते हैं. {mospagebreak}
इस आशय की खबरें हैं कि वर्ष 2008 में मुंबई में हुए हमले से संबंध रखने वाले जमात उल दावा के सहयोगी संगठन पंजाब और खबर पख्तूनख्वा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर चला रहे हैं. इस बीच, अमेरिका ने गुरुवार को पाकिस्तान को छह करोड़ डॉलर की अतिरिक्त सहायता देने का एलान किया. इसके साथ ही पाकिस्तान में बाढ़ राहत के लिये दी गई अमेरिकी राहत राशि 150 अरब डॉलर हो गई है.
कुरैशी से मुलाकात के बाद महासभा को सम्बोधित करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा ‘हम आपके साथ हैं. जब आप अपने देश में पुनर्निर्माण का काम करेंगे तो हमें अपने साथ पाएंगे.’ संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने अंतरराष्ट्रीय संगठन के सभी सदस्य देशों का पाकिस्तान में बाढ़ से जूझ रहे 60 लाख से ज्यादा लोगों की दिल खोलकर मदद करने का आह्वान किया.
पाकिस्तान में करीब दो करोड़ लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा, ‘यह संख्या हिंद महासागर में आई सुनामी, कश्मीर में आए भूकम्प, चक्रवाती तूफान नरगिस और हैती में आए जलजले से प्रभावित हुए लोगों की तादाद से ज्यादा है.’