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जानिए, क्या है खाद्य सुरक्षा विधेयक?

यूपीए सरकार अपनी महत्वाकांक्षी योजना खाद्य सुरक्षा बिल पर अध्यादेश लाने के लिए आमादा है. आखिर क्या है इस बिल में खास...

यूपीए सरकार अपनी महत्वाकांक्षी योजना खाद्य सुरक्षा बिल पर अध्यादेश लाने के लिए आमादा है. आखिर क्या है इस बिल में खास...

-इसके तहत 3 सालों तक चावल 3 रुपये किलो, गेहूं 2 रुपये किलो और मोटा अनाज 1 रुपये किलो देने का प्रावधान है.
- योजना का लाभ पाने का हकदार कौन होगा, ये तय करने की जिम्मेदारी केंद्र ने राज्य सरकारों पर छोड़ दी है.
- घर की सबसे बुजुर्ग महिला को परिवार का मुखिया माना जाएगा.
- गर्भवती महिला और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं को भोजन के अलावा अन्य मातृत्व लाभ (कम से कम 6000 रुपये) भी मिलेंगे.
- इस योजना को लागू करने के लिए सरकार को इस वर्ष (2013-14) 612.3 लाख टन अनाज की जरूरत होगी.
- केंद्र को अनाज के खरीद एवं वितरण के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये खर्च करने होंगे.
- गांवों की 75 फीसदी और शहरों की 50 फीसदी आबादी इस योजना के दायरे में आएगी.
- अगर राज्य सरकार सस्ता अनाज नहीं दे पाई तो केंद्र द्वारा मदद मुहैया कराई जाएगी.
- 6 से 14 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को आईसीडीएस (Integrated Child Development Services) और मिड-डे-मील योजना का लाभ मिलेगा.
- शिकायतों को दूर करने के लिए सभी राज्यों को फूड पैनल या आयोग बनाना होगा. अगर कोई कानून का पालन नहीं करता तो आयोग उस पर कार्रवाई कर सकता है.

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