पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. 49 हस्तियों ने देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. अब इस पत्र पर ममता बनर्जी की भी प्रतिक्रिया आ गई है.
ममता बनर्जी ने कहा, हर किसी को पता कि देश में क्या चल रहा है. मैं सभी बुद्धिजीवियों का सम्मान करता हूं, मुझे लगता है कि उन्होंने जो कुछ भी लिखा है, वह लोगों की वास्तविक शिकायत है.
ममता बनर्जी ने कहा, मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस बारे में सूचित करने का यह सही समय है. कोई भी नागरिक किसी भी उद्देश्य से पीएम को पत्र लिख सकता है.
ममता बनर्जी ने कहा कि अगर बीजेपी इसे राजनीति से प्रेरित कहती है तो यह शर्म की बात है. आपको लगता है कि श्याम बेनेगल और अन्य लोग पैसा लेकर ऐसा कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी में साहित्य, सिनेमा, इतिहास और कला की दुनिया से आने वाले 49 हस्तियों के हस्ताक्षर भी हैं. इनमें अदूर गोपालकृष्णन, रामचंद्र गुहा, अनुराग कश्यप जैसे दिग्गजों के नाम शामिल हैं. हालांकि मणिरत्नम ने इस चिट्ठी पर किए गए अपने हस्ताक्षर को फर्जी बताया है.
क्या लिखा है चिट्ठी में?
सभी हस्तियों ने पीएम मोदी से मांग की है कि वे मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए और आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए. अहसमति को कुचला ना जाए. लेटर में लिखा है, हमारा संविधान भारत को एक सेकुलर गणतंत्र बताता है, जहां हर धर्म, समूह, लिंग, जाति के लोगों के बराबर अधिकार हैं.
इस पत्र में मांग की गई है कि दलितों, मुस्लिमों और दूसरे अल्पसंख्यकों की लिंचिंग की रोकथाम हो. ये भी लिखा है कि पीएम मोदी के मात्र ऐसी घटनाओं की आलोचना कर देने भर से काम नहीं चलेगा.