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बंगाल के बीरभूम में हनुमान जयंती के जुलूस पर लाठीचार्ज, इलाके में सुरक्षा कड़ी

मंगलवार की सुबह हिंदू जागरण मंच के सैकड़ों कार्यकर्ता 'जय श्री राम' के नारों के साथ सड़कों पर उतर आए. हालांकि पुलिस ने उन्हें जुलूस की इजाजत नहीं दी थी. सूरी के बस स्टैंड के पास पुलिसकर्मियों ने जुलूस को रोका तो दोनों ओर से बहस होने लगी. थोड़ी ही देर में नौबत हाथापाई तक पहुंच गई.

फाइल फोटो फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हिंसक झड़प के बाद तनाव का माहौल है. विवाद सूरी नगर में हनुमान जयंती के मौके पर जुलूस को लेकर शुरू हुआ.

पुलिस का लाठीचार्ज
मंगलवार की सुबह हिंदू जागरण मंच के सैकड़ों कार्यकर्ता 'जय श्री राम' के नारों के साथ सड़कों पर उतर आए. हालांकि पुलिस ने उन्हें जुलूस की इजाजत नहीं दी थी. सूरी के बस स्टैंड के पास पुलिसकर्मियों ने जुलूस को रोका तो दोनों ओर से बहस होने लगी. थोड़ी ही देर में नौबत हाथापाई तक पहुंच गई. इसके बाद पुलिस को गुस्साए कार्यकर्ताओं को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. झड़प के बाद इलाके में रेपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है. करीब 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है.

बीजेपी ने मांगी थी रैली की इजाजत
बीजेपी का कहना है कि उसने प्रशासन से हनुमान जयंती के मौके पर रैली की इजाजत मांगी थी. इसकी अगुवाई बीजेपी के राज्याध्यक्ष दिलीप घोष करने वाले थे. लेकिन बीरभूम पुलिस ने अनुमति नहीं दी और धारा-144 लागू कर दी. मंगलवार की सुबह बीजेपी नेता रैली में शामिल होने नहीं आए. लेकिन हिंदू जागरण मंच के वर्कर जुलूस निकालने पर आमादा हो गए.

ममता पर निशाना
इससे पहले बीजेपी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर इस मामले में तानाशाही रवैये का आरोप लगाया था. राज्य के दौरे पर आए किरन रिजिजू ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधने के लिए कर रही हैं. दूसरी ओर, ममता बनर्जी का कहना है कि बीजेपी और आरएसएस राज्य के सांप्रदायिक सौहार्द को खत्म करने की साजिश कर रहे हैं.

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