scorecardresearch
 

इमिग्रेशन विभाग का अजीब तर्क- हमें माल्या को रोकने के लिए नहीं कहा था

विजय माल्या के मामले में सीबीआई ने इंटेलिजेंस ब्यूरो(आईबी) से सफाई मांगी है कि उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हो चुका था, तो वो भारत छोड़ने में कामयाब कैसे हो गए? इस पर इमिग्रेशन विभाग ने बताया कि माल्या के विदेश जाने से पहले सीबीआई को सूचना दी गई थी, लेकिन एजेंसी ने उन्हें रोकने के लिए नहीं कहा.

सीबीआई को थी माल्या के विदेश जाने की जानकारी सीबीआई को थी माल्या के विदेश जाने की जानकारी

विजय माल्या के मामले में सीबीआई ने इंटेलिजेंस ब्यूरो(आईबी) से सफाई मांगी है कि उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हो चुका था, तो वो भारत छोड़ने में कामयाब कैसे हो गए? इस पर इमिग्रेशन विभाग ने बताया कि माल्या के विदेश जाने से पहले सीबीआई को सूचना दी गई थी, लेकिन एजेंसी ने उन्हें रोकने के लिए नहीं कहा.

CBI को थी माल्या के विदेश जाने की जानकारी
इमिग्रेशन विभाग के सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने उनसे कहा था कि अगर माल्या देश छोड़ते हैं, तो उन्हें इसकी सूचना दी जाए. सूत्रों के मुताबिक लुकआउट नोटिस सिर्फ उन्हें माल्या के विदेश जाने की सूचना देने के लिए दिया गया था, न कि हिरासत में लेने या रोकने के लिए.

एक साल पहले जारी किया था नोटिस
इमिग्रेशन विभाग के सूत्रों ने बताया कि 8 फरवरी को भी माल्या के देश छोड़ने की जानकारी सीबीआई को दी गई थी, लेकिन उस वक्त भी जांच एजेंसी ने उन्हें कोई कदम उठाने के लिए नहीं कहा. ये स्कूलर करीब एक साल पहले जारी किया गया था.

आईबी ने इस मामले में इमिग्रेशन जांच शुरू कर दी है कि माल्या देश छोड़कर कहां गए हैं. ये जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है.

बैंकों का करोड़ो बकाया
विजय माल्या के पास स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत 17 बैंकों का करीब 9,000 करोड़ रुपये बकाया है. किंगफिशर एयरलाइन्स के घाटे में जाने के बाद वो लोन की ये रकम चुकाने में नाकामयाब रहे. मामला लाइमलाइट में आने के बाद बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हालांकि बाद में जानकारी मिली कि माल्या 2 मार्च को ही देश से जा चुके हैं.

लंदन जाने की है संभावना
पिछले दिनों माल्या ने इस बात की इच्छा जताई थी कि वो लंदन जाकर अपने बच्चों के करीब रहना और उनके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त गुजारना चाहते हैं. इसके बाद बैंक हरकत में आए और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके माल्या के देश छोड़ने पर रोक लगाने की गुहार लगाई. हालांकि बैंकों ने इसमें देर कर दी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें