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UPSC विवाद: आंदोलनकारी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी, राजनाथ सिंह के घर का घेराव

यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा में CSAT के विरोध में छात्रों का आंदोलन और तेज होता दिख रहा है. छात्र एकजुट होकर दिल्‍ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. शनिवार सुबह एनएसयूआई ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेती पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेती पुलिस

यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा में CSAT के विरोध में छात्रों का आंदोलन और तेज होता दिख रहा है. छात्र एकजुट होकर दिल्‍ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. शनिवार सुबह एनएसयूआई ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारी छात्र मांग कर रहे हैं कि राजनाथ सिंह इस मामले में दखल दें और छात्रों पर हो रहे पुलिसिया जुल्‍म पर रोक लगाएं. पुलिस ने शनिवार को कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.

प्रदर्शनकारी छात्र मोदी सरकार से पूछ रहे हैं कि छात्रों के अच्छे दिन कहां हैं? CSAT के मसले पर प्रदर्शनकारी छात्रों को एनएसयूआई का समर्थन मिल रहा है. छात्रों का प्रदर्शन 23 जुलाई से लगातार जारी है.

राजनाथ सिंह से मिलेंगे राम माधव
आंदोलन कर रहे छात्रों ने संघ से बीजेपी में आए नेता राम माधव के सामने चार मांगें रखी हैं. इन मांगों के बारे में बात करने के लिए शनिवार को राम माधव केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने वाले हैं.

वर्मा कमेटी में CSAT जारी रखने की बात
वर्मा कमेटी की रिपोर्ट सरकार को मिल चुकी है. इसमें सीसैट को बनाए रखने की सिफारिश की गई है, मगर इसके मौजूदा स्वरूप बदलाव की बात कही गई है.

पढ़‍िए: बना रहेगा सीसैट, मगर बदलेगा स्वरूप, डैमेज कंट्रोल में जुटी BJP

बताया जा रहा है कि यूपीएससी के चेयरमैन डीपी अग्रवाल इस मसले पर अड़ियल रवैया अपना रहे हैं. वे सीसैट के मौजूदा प्रारूप में किसी भी तरह के बदलाव के खिलाफ हैं. मगर मोदी सरकार इस मसले पर छात्रों के हितों का ध्यान रखते हुए ही फैसला करने का मन बना चुकी है.

गौरतलब है कि यूपीएससी विवाद को लेकर शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में खूब हंगामा मचा था. लोकसभा में सांसद पप्पू यादव ने कागज फाड़कर फेंके थे, पर बाद में उन्‍होंने माफी मांग ली थी. राज्यसभा में भी विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए सदन की कार्यवाही बाधित की थी और सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग की थी.

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