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पुरी: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान भगदड़, दो महिलाओं की मौत

पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान शनिवार को भगदड़ मचने से दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए. देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की नई मूर्तियों की नौ दिनों की यात्रा देखने के लिए पुरी में जुटे हैं.

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पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा
पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान शनिवार को भगदड़ मचने से दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए. देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की नई मूर्तियों की नौ दिनों की यात्रा देखने के लिए पुरी में जुटे हैं.

सूत्रों के मुताबिक, भीड़ अचानक बेकाबू हो गई जिससे रास्ते में अफरातफरी मच गई. पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई. इस दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई.

भगवान की एक झलक पाने को बेताब
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की सदी की प्रथम नबकलेबर यात्रा शनिवार को पुरी में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली. यह यात्रा गुंडीचा मंदिर तक होगी और वहां से अपने-अपने मूल स्थान पर लौटेगी. विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा में 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ की मूर्ति की झलक पाने के लिए लाखों लोग शहर में हैं.

 

श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है. स्वरूप परिवर्तन के प्रतीक नबकलेबर के चलते 45 दिनों तक भगवान भीतर ही रहे. नबकलेवर 19 साल के अंतराल के बाद हुआ है. देवी देवताओं का नबा जौबन दर्शन शुक्रवार को हुआ क्योंकि दो जून को स्नान पूर्णिमा पर महास्नान के बाद वे अंसारा पिंडी में थे.

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30 लाख श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद
उत्सवों के दौरान 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शरीक होने की उम्मीद है, वहीं पुलिस ने हवाई और तटीय निगरानी की व्यवस्था करने के अलावा करीब 10,000 पुलिसकर्मियों को तैनात कर की है. पुलिस महानिरीक्षक और विशेष ड्यूटी अधिकारी सौमेंद्र के. प्रियदर्शी ने बताया, पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बखूबी तैयार है. कई वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती के अलावा, बल की 164 पलटनें रणनीतिक बिंदुओं पर तैनात की गई हैं.

 

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