ओडिशा के पुरी और गुजरात के अहमदाबाद में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू हो गई है. श्रद्धालुओं की भीड़ इस सालाना आयोजन में शामिल होने के लिए उमड़ी. अहमदाबाद में पूजा अर्चना में गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन भी शामिल हुईं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगन्नाथ यात्रा शुरू होने पर ट्विट कर बधाई दी है. मोदी ने 2013 में रथयात्रा में अपने शामिल होने की तस्वीरें भी शेयर की है.
Rath Yatra brings back many memories from Gujarat. Here are photos from the Rath Yatra of 2013 in Ahmedabad.
— Narendra Modi (@narendramodi)
सुरक्षा के व्यापक प्रबंध के यहां पुराने शहर में जमालपुर स्थित मंदिर से निकल कर लगभग 14 किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग से होते हुए वापस देर शाम मंदिर लौटने वाली इस यात्रा के सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं. इस बीच, 18 साल बाद आषाढ़ अधिकमास के कारण मंदिर में प्रतिमाओं का शुक्रवार को नवकलेवर किया गया.
पुरी में दुनियाभर से आते हैं भक्त ओडिशा के शहर पुरी में भी रथयात्रा की भव्य शुरुआत हुई. लाखों की संख्या में लोग इस रथयात्रा में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचे हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को विश्व निकाली जाती है. इसमें भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं को तीन अलग-अलग दिव्य रथों पर रखकर नगर भ्रमण कराया जाता है.
इस साल की रथयात्रा बेहद खास इस साल की रथयात्रा बेहद खास है क्योंकि 19 साल बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा इन तीनों की प्रतिमाओं को बदला गया है. भगवान जगन्नाथ के रथ के कई नाम हैं जैसे- गरुड़ध्वज, कपिध्वज, नंदीघोष आदि. भगवान जगन्नाथ के रथ पर हनुमानजी और नरसिंह भगवान का प्रतीक होता है. इसके अलावा भगवान जगन्नाथ के रथ पर सुदर्शन स्तंभ भी होता है.