राज्यसभा में आज मोदी सरकार संशोधित तीन तलाक बिल को पेश करेगी. उम्मीद जताई जा रही है कि संशोधन के बाद ये बिल पास हो जाएगा. लेकिन इससे पहले कांग्रेस नेता के एक बयान पर विवाद छिड़ गया है. राज्यसभा में कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई ने कहा कि सिर्फ मुस्लिम नहीं बल्कि महिलाओं के साथ हर समाज में गलत तरीके से व्यवहार होता है.
उन्होंने कहा कि हिंदू, सिख, ईसाई धर्म में भी पुरुषों का ही वर्चस्व है. श्री राम चंद्र ने भी शक के आधार पर सीता जी को छोड़ दिया था. हमें पूरी प्रणाली को बदलना होगा. हालांकि, इस बयान पर विवाद होने के बाद उन्होंने माफी भी मांग ली. उन्होंने कहा कि मेरे बयान को गलत तरीके से लिया गया.
Women treated unfairly in all communities, not just Muslims, even Hindus, Christians, Sikhs etc. In every society, there is male domination. Even Shree Ram Chandra ji once left Sita ji after doubting her. So we need to change as a whole: Hussain Dalwai, Congress #TripleTalaqBill pic.twitter.com/dpuh0c3Jyu
— ANI (@ANI) August 10, 2018
बता दें कि शुक्रवार को राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश होगा. आज ही संसद के मॉनसून सत्र का आखिरी दिन है. बता दें कि नए बिल में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के मामले को गैर जमानती अपराध तो माना गया है लेकिन संशोधन के हिसाब से अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा.
साथ ही विधेयक में एक और संशोधन किया गया है जिसमें पीड़ित के रिश्तेदार जिससे उसका खून का रिश्ता हो भी शिकायत दर्ज कर सकता है. बता दें कि पिछले सत्र में राज्यसभा में इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोक-झोंक देखने को मिली थी. जब विपक्ष की तरफ से विधेयक को त्रुटिपूर्ण बताते हुए प्रवर समिति में भेजने की मांग की गई थी.