पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक दफ्तर पर स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रीय ध्वज उल्टा फहराया गया. इसकी तस्वीर पैरा मेडिकल के एक छात्र ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर कर दी. गलती की ओर ध्यान देने वाले छात्र का शुक्रिया करने की जगह उसे धमकियां मिलने लगीं. छात्र को गिरफ्तार करने के बाद उल्टे मामले में फंसाकर जेल भेजने की भी कोशिश की गई.
ये घटना पूर्व बर्दवान जिले के भतार थाने के तहत आने वाले खुडूल इलाके की है. यहां टीएमसी के दफ्तर में 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज उल्टा फहरा दिया गया. पैरा मेडिकल के छात्र अमित घोष ने इसकी तस्वीर फेसबुक पर अपलोड कर दी.


अमित के पिता राधारमण घोष ने बताया कि राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की ओर ध्यान दिलाने पर शुक्रिया जताने की जगह टीएमसी के स्थानीय नेताओं ने धमकियां देना शुरू कर दिया. अमित पर फेसबुक से उपरोक्त पोस्ट को डिलीट करने के लिए कहा गया. अमित ने फेसबुक पर तस्वीर साझा करने के लिए माफी भी मांगी.
बताया जा रहा है कि 16 अगस्त रात साढ़े बारह बजे भतार थाने की पुलिस अमित को अपने साथ ले गई. फिर उसे रविवार के दिन अदालत में पेश किया गया. अदालत ने अमित की जमानत याचिका मंजूर करने के बाद उसे रिहा कर दिया.

इस घटना को लेकर इलाके में बीते एक हफ्ते से राजनीति गरमाई हुई है. सूत्रों का कहना है कि टीएमसी की ओर से अमित और उनके परिवारवालों पर इलाके में माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया गया है.